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पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI की ‘जासूस’ ज्योति थी केरल की मेहमान, जानिए लेफ्ट सरकार से क्यों मिला था न्योता?

पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार ज्योति केरल की लेफ्ट सरकार की मेहमान थी। RTI से पता चला कि वामपंथी सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 41 प्रतिभाशाली लोगों का चयन किया था। इसमें एक नाम ज्योति का भी था।

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ट्रैवल ब्लॉगर ज्योति मल्होत्रा (फोटोः सोशल मीडिया)

पाकिस्तान (Pakistan) की खुफिया एजेंसी ISI के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार ज्योति मल्होत्रा (Jyoti Malhotra) को केरल की लेफ्ट सरकार की तरफ से पर्यटन को बढ़ावा देने के न्योता मिला था। वह पिनाराई विजयन (Pinarayi Vijayan) की सरकार की मेहमान थी। मातृभूमि की रिपोर्ट के अनुसार, एक RTI से पता चला कि पिनाराई सरकार ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 41 प्रभावशाली लोगों की यात्रा को वित्तीय मदद दी थी। राज्य सरकार ने उनके आवास, यात्रा और भोजन का भुगतान किया था। इन प्रभावशाली लोगों में एक नाम ज्योति भी था।

क्या केरल सरकार ने पाक जासूस को रेड कार्पेट दिया

इस खुलासे के बाद विपक्षी दलों ने राज्य सरकार पर निशाना साधा। कांग्रेस और भाजपा ने कहा कि अभियान के लिए चयनित प्रभावशाली लोगों की जांच ठीक से क्यों नहीं की गई। विपक्षी दलों ने कहा कि RTI से पता चला है कि पाकिस्तानी जासूस ज्योति मल्होत्रा ने वामदल द्वारा शासित केरल का दौरा किया था। एक तरह से देखा जाए तो वह केरल के पर्यटन विभाग की अतिथि थी। भाजपा नेता शहजाद पूनावाला ने पूछा कि क्या वामपंथियों ने पाक जासूस को रेड कार्पेट दिया? उन्होंने कहा कि पर्यटन मंत्री मोहम्मद रियास, मुख्यमंत्री विजयन के दामाद हैं। उन्हें बर्खास्त किया जाना चाहिए।

पर्यटन मंत्री हैं सीएम के दामाद

केरल के पर्यटन मंत्री पीए मोहम्मद रियास ने कहा कि ज्योति मल्होत्रा ​​को केरल के प्रचार के लिए अन्य प्रभावशाली लोगों के साथ आमंत्रित किया गया था। यह केरल की टूरिज्म को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक बडे़ प्रभावशाली अभियान का हिस्सा था। सबकुछ पारदर्शी तरीके से और सद्भावनापूर्ण किया गया। उन्होंने कहा कि केरल की LDF की सरकार जासूसी को बढ़ावा नहीं देती है। केरल की सरकार जानबूझकर किसी भी जासूस को आमंत्रित नहीं करेगी।

कहां-कहां गई थी ज्योति

केरल में प्रवास के दौरान ज्योति मल्होत्रा ने कोच्चि, कन्नूर, कोझीकोड, अलाप्पुझा, मुन्नाड और तिरुवनंतपुरम का दौरा किया था। उसने कई जगहों पर शूटिंग की। साथ ही, अपने वीडियो ब्लॉग्स को अपने यूट्यूब चैनल ट्रैवल विद जो और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर किया गया।

हमले से पहले जम्मू-कश्मीर गई थी ज्योति

33 वर्षीय व्लॉगर ने जासूसी के आरोप सामने आने से पहले जम्मू-कश्मीर का दौरा किया था। पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर के बाद मई 2025 में उसे गिरफ्तार किया गया था। उसकी गिरफ्तारी के बाद, हरियाणा पुलिस ने कहा कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियां ​​उसे एक एसेट के रूप में तैयार कर रही थी।

Updated on:
07 Jul 2025 12:48 pm
Published on:
07 Jul 2025 12:43 pm
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