
पारूल विश्वविद्यालय ने टाइम्स हायर एज्युकेशन (THE) वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग-2027 में स्थान प्राप्त किया है। 1601-1800 इस ग्लोबल बैंड में स्थान प्राप्त कर उसने अपनी वैश्विक शैक्षिक यात्रा में एक बड़ा कदम उठाया है। इसके THE वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग-2027 में स्थान पाने के साथ ही दुनियाभर के उच्च शिक्षा संस्थानों के सबसे जाने माने मंच पर राज्य का भी सम्मान हुआ है।
पारूल विश्वविद्यालय ने THE इंपैक्ट रैंकिंग-2025 में ही अपना वैश्विक पदार्पण किया था। तब उसे 1001-1500 ग्लोबल बैंड में स्थान मिला था और वह भारत के अग्रणी 50 संस्थाओं में से एक बन गया था। इंपैक्ट रैंकिंग में संयुक्त राष्ट्र के शिक्षा, स्वास्थ्य, जेंडर समानता और साझेदारियों जैसे शाश्वत विकास के लक्ष्यों को लेकर विश्वविद्यालयों के योगदानों का मूल्यांकन किया जाता है।
इसके बाद विश्वविद्यालय का अन्तर्भाव THE शाश्वतता इंपैक्ट रैंकिंग-2026 में हुआ तथा उसे 401- 600 ग्लोबल बैंड में सम्मीलित कर भारत के अग्रणी 40 संस्थानों में स्थान दिया गया। पृथक शाश्वत विकास के उद्देश्यों को लेकर उसके प्रदर्शन ने इस संस्थान के कार्य के परिणामों को और अधोरेखित किया। एसडीजी- 4 गुणवत्ता शिक्षा के सम्बन्ध में दुनिया में पारूल विश्वविद्यालय को 46वां स्थान मिला है तथा भारत में वह सातवें स्थान पर है। दुनिया के टॉप 50 में उसे समानित किया गया है। एसडीजी-5 जेंडर समानता को लेकर इस संस्थान को दुनिया के टॉप 100 में 60वां और भारत का छठा स्थान मिला है। एसडीजी 3- अच्छा स्वास्थ्य और कल्याण के सम्बन्ध में विश्वविद्यालय को 101-200 ग्लोबल बैंड स्थान दिया गया और वह भारत के टॉप 10 संस्थानों में से एक है। एसडीजी 9- उद्यम, नवाचार और इन्फ्रास्ट्रक्चर में उसने इस बार पहला कदम रखा है और उसे दुनिया के 401- 600 ग्लोबल बैंड में स्थान मिला है, जबकि भारत में उसका स्थान टॉप 50 में है। एसडीजी 17- उद्देश्यों के लिए साझेदारी के सम्बन्ध में विश्वविद्यालय 201- 300 ग्लोबल बैंड में पहुँच गया है और भारत में वह टॉप 20 में है। शैक्षिक, उद्यम से जुड़ी, अनुसंधान और समुदाय साझेदारियों के सम्बन्ध में उसके कार्य के विस्तार का यह प्रमाण है।
THE इंपैक्ट रैंकिंग- 2025 में स्थान मिलने के बाद, THE शाश्वता इंपैक्ट रेटिंग 2026 में मिला सम्मान और अब THE वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग-2027 में प्रवेश- यह सब उच्च शिक्षा के कई आयामों में विश्वविद्यालय का कार्य विश्व स्तर पर कैसे बढ़ रहा है, यह दर्शाता है। इस इंपैक्ट और शाश्वतता की रैंकिंग में शाश्वत विकास के सम्बन्ध में विश्वविद्यालय के योगदान का मूल्यांकन किया जाता है तो दूसरी तरफ वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग में विश्वविद्यालयों के मूल्यांकन को जागतिक स्तर पर जांचा जाता है। इसलिए यह मान्यता पारूल विश्वविद्यालय के विस्तार और प्रगति का अहम मापदंड है तथा जागतिक स्तर पर मान्यता, शैक्षिक साझेदारियाँ और अन्तरराष्ट्रीय मापदण्डों में मान्यता को लेकर उसकी पहुँच को दर्शाता है।
इस मान्यता के सम्बन्ध में प्रतिक्रिया देते हुए पारूल विश्वविद्यालय की वाइस प्रेसिडेंट डॉ. गीतिका मदन पटेल ने कहा, “टाइम्स हायर एज्युकेशन वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग-2027 में प्रवेश होना पारूल विश्वविद्यालय और गुजरात के लिए बहुत बड़ी बात है। THE इंपैक्ट रैंकिंग और शाश्वतता इंपैक्ट के रेटिंग के हमारे अनुभव ठोस शैक्षिक और सामाजिक परिणाम लाने वाला कार्य कैसे किया जाता है, इसकी हमारी दृढ़ समझ और विजन दर्शाती है। विश्व के विश्वविद्यालयों में स्थान पाना इस यात्रा का और एक महत्त्वपूर्ण पड़ाव है। हमें आगे बढ़ते रहना है और अर्थपूर्ण कार्य और लम्बे समय तक टिकने वाले योगदान देने वाली वैश्विक शिक्षा संस्थान के रूप में आगे कार्य करने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं।”
THE वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्ज-2027 में पहली बार शुमार होने वाला पारूल विश्वविद्यालय अब और जागतिक सहभागिता, पुख़्ता अनुसंधान और शैक्षिक साझेदारियो के साथ भविष्य के लिए तैयार है। साथ ही अधिक अन्तर्राष्ट्रीय विजिबिलिटी और संस्थान के शाश्वत विकास की सुनिश्चितता हुई है। 1601-1800 बैंड कोई अन्तिम नहीं है, बल्कि जागतिक उच्च शिक्षा के परिप्रेक्ष्य में संस्थान की बढ़ती यात्रा का यह सिर्फ एक पड़ाव है।
पारूल विश्वविद्यालय की बढ़ने वाली जागतिक प्रोफाइल के लिए यह उपलब्धि उल्लेखनीय है। साथ ही वैश्विक उच्च शिक्षा के जगत में विश्वविद्यालय और गुजरात के बढ़ते कदमों की सराहना करने का भी क्षण है।
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