डे क्लेर्क ने कहा कि इस मामले को लेकर जनता में रूचि है इसलिए एनपीए को बिना किसी डर और पक्षपात के इसे जारी रखना चाहिए।
नई दिल्ली। दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति जैकब जुमा पर भ्रष्टाचार के आरोपों को बहाल करने के फैसले के बाद देश के राजनीतिक दलों, पूर्व राष्ट्रपतियों और नागरिक समाज संस्थानों ने इसका स्वागत किया है। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार देश के राष्ट्रीय अभियोजक प्राधिकरण (एनपीओ) ने शुक्रवार को कहा कि जुमा पर भ्रष्टाचार, धनशोधन और धांधली का आरोप दोबारा लगाए जाएंगे, जो 2009 में हटा दिए गए थे।
आरोपों की बहाली का स्वागत
पूर्व राष्ट्रपति फ्रेडेरिक डी क्लेर्क ने जुमा के खिलाफ आरोपों की बहाली का स्वागत किया है। डे क्लेर्क ने कहा कि इस मामले को लेकर जनता में रूचि है इसलिए एनपीए को बिना किसी डर और पक्षपात के इसे जारी रखना चाहिए। बता दें कि दो दिन पहले दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति जैकब जुबा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। जुमा ने टेलीविजन पर प्रसारित देश के नाम संबोधन में तत्काल प्रभाव से अपने इस्तीफे की घोषणा की थी। जुमा ने एएनसी के नए नेता उप राष्ट्रपति सायरिल रमाफोसा के लिए पद छोड़ने के लिए बढ़ते दबाव के बीच अपने इस्तीफे की घोषणा की।
2009 से सत्ता पर थे काबिज
75 वर्षीय नेता जो 2009 से सत्ता पर काबिज थे, उन पर भ्रष्टाचार के कई आरोप लगे हैं। उन्होंने अपने इस्तीफे से पहले लंबा भाषण दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि एएनसी जिस प्रकार से उनके साथ व्यवहार कर रही है, उससे वे सहमत नहीं हैं। एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा कि उन्हें अविश्वास प्रस्ताव का कोई डर नहीं है। उन्होंने साथ ही कहा, "मैने अपनी पूरी क्षमता के साथ दक्षिण अफ्रीका के लोगों की सेवा की है। जुमा ने कहा कि एएनसी में हिंसा और फूट ने उन्हें पद छोड़ने पर मजबूर किया है। उन्होंने कहा था कि मेरे कारण किसी की जान नहीं जानी चाहिए और न ही मेरे नाम पर एएनसी में फूट होनी चाहिए। इसलिए मैंने तत्काल प्रभाव से राष्ट्रपति पद से इस्तीफा देने का फैसला किया है।