स्कूलों में लटके रहे शिक्षकों की मनमानी के ‘ताले

शिक्षा विभाग स्कूलों में शिक्षकों को ईमानदारी से उनकी ड्यूटी कराने को लेकर भले कितने ही सख्त आदेश निकाल ले लेकिन शिक्षक हैं कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों के इन आदेशों का कोई पालन नहीं करते हैं।

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Jul 29, 2017
The locks of 'arbitrary teachers' hanging in schools
आगर-मालवा. शिक्षा विभाग स्कूलों में शिक्षकों को ईमानदारी से उनकी ड्यूटी कराने को लेकर भले कितने ही सख्त आदेश निकाल ले लेकिन शिक्षक हैं कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों के इन आदेशों का कोई पालन नहीं करते हैं। न ही स्कूली बच्चों के भविष्य को लेकर उन्हें कोई चिंता सताती है। यही कारण है शिक्षक मनमानी करते हुए जब मन करता है तब स्कूल का ताला खोलते हैं। ऐसी स्थिति में इस प्रकार के स्कूलों से बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो रह है।
माधवगंज स्थित कन्या प्रावि धोबीगली तथा बालक मावि हाटपुरा शहर के स्कूलों के ताले शुक्रवार को दोपहर 1.30 बजे तक नहीं खुल पाए थे। यहां शिक्षक इतने लापरवाह हैं कि उन्हें बच्चों के भविष्य को लेकर कोई चिंता ही नहीं है। जब पत्रिका टीम इन स्कूलों में गई तो यहां पर ताले लटके हुए थे। वहां न तो कोर्इ शिक्षक था और न ही कोई बच्चा दिखाई दिया। जब इस संबंध मे शिक्षा विभाग के अधिकारियों से बात की गई तो वे भी बेतुके जवाब देने लगे।
अधिकारियों का कहना था कि बारिश हो रही थी इस कारण स्कूलों के ताले नहीं खुले होंगे। वहीं बाद में कहने लगे कि उनकी संबंधित स्कूलों के शिक्षकों से बात हुई है वे समय पर सुबह 10.30 बजे स्कूल पहुंच गए थे और 4.30 बजे स्कूल बंद कर दिया गया था। जबकि स्थिति कुछ इसके उलट ही थी।
हमेशा रहते हैं चर्चा में-यह दोनों स्कूल हमेशा चर्चा में रहते हैं। कई मर्तबा ऐसी स्थिति पैदा होती है कि समय पर स्कूल के ताले नहीं खोले जाते हैं। बच्चे बाहर शिक्षकों के आने का इंतजार करते रहते हैं। गत वर्ष भी यहां पर एक दिन काफी देरी से स्कूलों के ताले नहीं खुले थे और बच्चों को बाहर बैठकर इंतजार करना पड़ा था। तब भी शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने कार्रवाई करने की बात कही थी लेकिन किसी पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।
इधर बच्चे खेलते रहे बारिश में-इन स्कूलों के पास में ही स्थित मिडिल ग्राउंड पर स्कूल बंद होने के कारण स्कूली बच्चे पानी में खेल रहे थे। हालांकि इस संबंध मे जानकारी नहीं लग पाई की वे कौन से स्कूल के बच्चे थे।
&हमारे द्वारा स्कूल समय पर नहीं खोले जाने के संबंध मे संबंधित जनशिक्षक से जवाब मांगा जाएगा। यदि स्कूल वाकई समय पर नहीं खोले गए हैं तो निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी।
विक्रमसिंह पंवार, बीआरसी आगर
Published on:
29 Jul 2017 12:33 am
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