
Temple Dispute: मध्यप्रदेश के आगर समीपस्थ ग्राम निपानिया बैजनाथ में जमीन विवाद ने उस समय तूल पकड़ लिया जब सीमांकन करने की प्रक्रिया के दौरान निर्माणाधीन माता मंदिर क्षतिग्रस्त हो गया। मंदिर को नुकसान पहुंचने की खबर लगते ही हिंदू संगठनों में आक्रोश फैल गया। देखते ही देखते मामला सड़क तक पहुंच गया और बजरंग दल सहित हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने उज्जैन-झालावाड़ हाईवे पर चक्काजाम कर दिया। करीब आधे घंटे तक हाईवे पर वाहनों के पहिए थमे रहे। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना प्रभारी नागेश यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से चर्चा कर स्थिति संभालने का प्रयास किया। कार्यकर्ताओं ने मंदिर क्षतिग्रस्त होने पर कड़ी नाराजगी जताते हुए पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई। जमीन पर कब्जे को लेकर शुरू हुआ विवाद निर्माणाधीन माता मंदिर को नुकसान पहुंचने के बाद धार्मिक आस्था से जुड़ गया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम निपानिया बैजनाथ में दो पक्षों के बीच जमीन विवाद के संबंध में सीमांकन की प्रक्रिया चल रही थी उसी दौरान एक पक्ष द्वारा निर्माणाधीन माता मंदिर के एक हिस्से को तोड़े जाने को लेकर विवाद की स्थिति बनी। मंदिर को नुकसान पहुंचाने की मंशा के साथ मंदिर क्षतिग्रस्त किए जाने की जानकारी मिलने पर बजरंग दल सहित हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता नाराज हो गए। कार्यकर्ताओं ने बताया कि मंदिर क्षतिग्रस्त किए जाने की कार्रवाई के दौरान संबंधित व्यक्ति द्वारा हिंदू संगठनों को लेकर अपशब्दों का उपयोग किया गया। थाने पहुंचने के बाद कार्यकर्ताओं ने धरना आरंभ कर दिया। इस दौरान जमकर नारेबाजी की गई। कार्यकर्ताओं ने मांग करी कि मंदिर क्षतिग्रस्त किए जाने के मामले में संबंधित व्यक्ति अपनी गलती स्वीकार करे और हिंदू संगठनों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगे। जब तक माफी नहीं मांगी जाती तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। पुलिस अधिकारियों ने कार्यकर्ताओं को समझाने का प्रयास किया लेकिन कार्यकर्ता अपनी मांग पर अड़े रहे। काफी देर तक थाना परिसर में विरोध और नारेबाजी का दौर चलता रहा। इस अवसर पर बड़ी संख्या में हिन्दू संगठनों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित थे।
थाना परिसर में मांग पूरी नहीं होने पर कार्यकर्ता थाना परिसर के बाहर नेशनल हाईवे पर पहुंच गए। यहां सडक़ पर बैठकर चक्काजाम कर दिया गया। अचानक हुए चक्काजाम से हाईवे पर यातायात व्यवस्था प्रभावित हो गई। देखते ही देखते दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। करीब आधे घंटे तक कार्यकर्ता हाईवे पर बैठे रहे। इस दौरान पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए कार्यकर्ताओं से बातचीत की और यातायात सुचारू कराने का प्रयास किया। मामले को बढ़ता देख पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में संबंधित व्यक्ति द्वारा हिंदू संगठनों से माफी मांगी गई। माफी के बाद कार्यकर्ता माने और अपना विरोध समाप्त किया। इसके बाद हाईवे से चक्काजाम हटाया और यातायात व्यवस्था बहाल हो सकी।