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बिजली गिरने के बाद भी नलखेड़ा मंदिर का कुछ नहीं बिगड़ा था, चमत्कार सुन नेता-अफसरों की लगी थी भीड़

Maa Baglamukhi Temple : आकाशीय बिजली से भी सुरक्षित बचा रहा था मां बगलामुखी मंदिर, अब बन रहा कॉरिडोर
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अगार मालवा

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deepak deewan

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Updated: 26 Oct 2026, 11:55 AM IST

mata bagla

बगलामुखी देवी मंदिर image AI

Maa Baglamukhi Temple : मध्यप्रदेश में माता बगलामुखी के 2 विश्व प्रसिद्ध मंदिर है। एक आगर मालवा जिले के नलखेड़ा में है और दूसरा मंदिर दतिया में है। मां बगलामुखी शत्रु विजय के लिए आराध्य देवी हैं। उनको राजसत्ता की देवी भी माना जाता है। नलखेड़ा मंदिर की ख्याति के चलते देशभर से रोज बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। राज्य सरकार अब यहां कॉरिडोर बना रही है जिसका सीएम मोहन यादव भूमिपूजन करेंगे। नलखेड़ा की माता बगलामुखी के अनेक चमत्कार कहे सुने जाते हैं। 4 साल पहले यहां बिजली गिरी थी लेकिन मंदिर का कुछ नहीं बिगड़ा। इसके बाद मंदिर में दर्शन पूजन के लिए नेता, अफसरों की जबर्दस्त भीड़ जुटी थी। मां बगलामुखी मंदिर में घटी इस अनोखी घटना की खूब चर्चा हुई थी।

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव आज आगर मालवा जिले के नलखेड़ा पहुंचेंगे। वे यहां मां बगलामुखी मंदिर में पूजन अर्चन करेंगे। सीएम मोहन यादव बगला मुखी मंदिर कॉरिडोर, का आज भूमिपूजन भी करेेंगे। महाकाल लोक की तर्ज पर यहां बगलामुखी देवी लोक बनाया जा रहा है। इसका निर्माण 55 एकड़ में किया जाएगा। मां बगलामुखी देवी लोक का पहले चरण का काम 85.40 करोड़ की लागत से होगा। सीएम की कार्यक्रम को देखते हुए प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मुस्तैद हैं।

बाल बांका भी नहीं हुआ था मंदिर का

नलखेड़ा मंदिर के बारे में यूं तो अनेक बातें कहीं जाती हैं पर एक घटना की सबसे ज्यादा चर्चा होती है। 4 साल पहले बरसात के दिनों में यहां हादसा हुआ। मंदिर पर आकाशीय बिजली गिरी। बिजली गिरने की जोर की आवाज आते ही मंदिर के आसपास रहने वाले लोग घबरा उठे। उन्हें लगा कि बिजली गिरने से मंदिर क्षतिग्रस्त हो गया होगा। लेकिन जब वहां पहुंचे तो पता चला कि मंदिर का तो बाल बांका भी नहीं हुआ था।

बिजली गिरने से मां बगलामुखी मुख्य मंदिर के गर्भ गृह में छत पर लगे कांच भर टूटे। इतनी बड़ी घटना में भी शेष मंदिर पूरी तरह से सुरक्षित था। भक्तों ने इसे मां बगलामुखी का चमत्कार बताया। हादसे के समय मंदिर में कई श्रद्धालु भी उपस्थित थे।

जुलाई 1922 में हुआ था यह हादसा

बगलामुखी मंदिर नलखेड़ा में जुलाई 1922 में यह हादसा हुआ था। बिजली गिरने के बाद पुजारी और श्रद्धालु नुकसान होने की आशंका के साथ गर्भ गृह पहुंचे थे लेकिन मंदिर की छत पर किसी प्रकार का कोई निशान नहीं मिला। लोगों का यह भी कहना था बिजली गिरने से हुए कंपन की वजह से गर्भ गृह के कांच टूटे थे।