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Asaram Bapu : दीवाल पर माथा पटकने लगा था आसाराम, रियायत के लिए कांस्टेबल के पकड़ लिए पैर

Asaram Bapu : आसाराम ने केस से बचने के तमाम हथकंडे अपनाए, तत्कालीन डीसीपी IPS अजय लांबा ने पुस्तक में किया खुलासा
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इंदौर

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deepak deewan

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Updated: 23 Oct 2026, 1:27 PM IST

Asaram Bapu Story

आसाराम - image patrika

Asaram Bapu : नाबालिग से यौन शोषण मामले में जोधपुर जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा आसाराम इस समय पैरोल पर बाहर है। वह स्वास्थ्य लाभ के लिए उज्जैन आया है। कभी अपने करोड़ोें अनुयायियों के लिए आसाराम चमत्कारी भगवान जैसा माना जाता था लेकिन दुष्कर्म मामले ने उसकी हकीकत सामने ला दी। 16 साल की एक किशोरी की शिकायत के बाद वह जेल की सलाखों के पीछे पहुंच गया। इस केस में आसाराम को इंदौर से गिरफ़्तार किया गया था। उसने पहले पुलिस को खूब धमकाया और अपने रसूख का रौब दिखाया। जब दाल नहीं गली तो पुलिसवालों के सामने गिड़गिड़ाने लगा। रियायत पाने के लिए आसाराम ने कांस्टेबल के पैर पकड़ लिए और निराशा में दीवाल पर माथा पटकने लगा।

राजस्थान कैडर के आईपीएस अजय पाल लांबा ने आसाराम मामले में किताब लिखी है। इसका नाम है 'गनिंग फ़ॉर द गॉडमैन, द ट्रू स्टोरी बिहाइंड द आसाराम बापूज़ कन्विक्शन'। इस पुस्तक में आईपीएस अजय पाल लांबा ने आसाराम को गिरफ़्तार करने से लेकर कोर्ट में मामले की सुनवाई तक के अनेक किस्से साझा किए हैं।

गिरफ़्तारी के बाद आसाराम हो गया था निराश

किताब में आईपीएएस अजय लांबा ने लिखा कि आसाराम ने गिरफ्तारी से बचने के लिए तमाम पैंतरे आजमाए। हालांकि पुलिस पकड़ में आने के बाद उसके तेवर ढीले पड़ गए। पुलिस की पूछताछ के दौरान आसाराम कई बार फूट-फूट कर रोने लगता था। रियायत के लिए एक बार कांस्टेबल के पैर पकड़ लिए जबकि एक बार इतना निराश हो गया कि दीवाल पर माथा पटकने लगा था।

आसाराम को सजा दिलाने में निभाई अहम भूमिका

आईपीएएस अजय लांबा ने आसाराम के खिलाफ केस दर्ज करने से लेकर जेल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी। भारतीय पुलिस सेवा के ये अधिकारी उस वक्त जोधपुर ईस्ट के डीसीपी थे। आईपीएएस अजय लांबा ने आसाराम को गिरफ्तार करने के लिए 20 पुलिसकर्मियों की एक टीम बनाई थी जिसे "टफ-20" नाम दिया था। जोधपुर पुलिस की इस टीम ने आसाराम को बमुश्किल जाल बिछाकर गिरफ्तार किया था। अजय लांबा की इस किताब को आसाराम और उसके बेटे नारायण साईं के अनुयायियों ने प्रकाशित करने से रोकने की भी कोशिश की थी लेकिन बाद में कोर्ट ने इसपर लगा बैन हटा दिया था।