
आगरा। अंतरिम बजट में भारतीय जनता पार्टी ने किसानों को खुश करने के लिए कई सारी घोषणाएं की। लेकिन, बावजूद इसके बजट से आरएसएस के भारतीय किसान संघ ने ही बड़ी मांग उठाई है। भारतीय किसान संघ के प्रांत अध्यक्ष मोहन सिंह चाहर ने बजट को आंशिक राहत देने वाला बताते हुए कहा कि सरकार से किसान संघ ने 25000 रु प्रति एकड़ प्रति वर्ष किसानों को देने की मांग रखी थी। लेकिन, सरकार ने 6000 रुपए प्रति वर्ष दो हेक्टेयर तक के किसानों को तीन बार मे देने का निर्णय किया जो बढ़ती लागत के अनुपात में ऊंट के मुंह मे जीरे के समान है।
पांच लाख की आयकर छूट
मोहन सिंह चाहर ने कहा कि किसानों के लिए सरकार को इसे बढ़ाकर किसान संघ की मांग के अनुसार करना चाहिए। इस तरह का प्रस्ताव किसान संघ की मांग पर हुआ है। वहीं पांच लाख तक पर आयकर छूट, बटाई पर खेत करने वाले किसानों को भी नुकसान पर आधा मुआवजा देने के प्रावधान, ब्याज में ढाई प्रतिशत छूट कुछ राहत भरा कदम है। मोहन सिंह चाहर ने कहा कि आलू किसानों को भी बजट में लागत का डेढ़ गुना समर्थन मूल्य देने का प्रावधान करना चाहिए था।