टूंडला नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी की घूसखोरी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इस वीडियो में एक ठेकेदार से ढ़ाई लाख रुपए की रिश्वत ली जा रही है। यह ठेकेदार पालिका का सभासद भी है। 2.17 मिनट के वीडियो में खुलकर कमीशनखोरी की बातें होती हैं।
शहर के एक शख्स के व्हाट्सएप पर यह वीडियो आया और कुछ देर में ही वायरल हो गया। शाम तक लखनऊ के अधिकारियों तक वीडियो पहुंच चुका था। इसकी खबर लगते ही पालिका के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। वीडियो तीन दिन पुराना बताया जा रहा है। इसके बाद आरोपों से घिरे ईओ एके सिंह चौहान का मोबाइल कई घंटों तक बंद रहा।
ईओ व सभासद (ठेकेदार) के बीच हुए बातचीत के अंश
ईओ एके सिंह चौहान- कितने पैसे लाए हो ?
सभासद ठेकेदार- ढ़ाई हैं गिन लो
ठेकेदार- दो लाख तो उसके हो गए और पचास तुम्हारे हैं।
ईओ- पहले तो हमें पहले वाले पेमेंट में जो चार नोट कम थे, वो दो। झा ने हमें फोन करके बताया था।
ठेकेदार- चार नोट देकर, ये लो साहब। साथी ठेकेदार कहता है कि हम चाहते हैं कि हमारा आदमी परेशान न हो ईओ साहब।
ईओ- इनकी गलती है, इनके मुंह पर कह रहे हैं, मीटिंग में उसकी खिलाफत करते हैं।
ठेकेदार-खिलाफत तो करूंगा, वो भी मेरी खिलाफत करता है। मैं तो खिलाफत करूंगा।
ईओ-तुम्हें मेंबर का कमीशन मिला तुमने लिया।
ठेकेदार-मुझे तो ढ़ाई साल से कमीशन नहीं मिला।
ईओ- तो तुमने किसी को अपने काम में से कमीशन नहीं दिया होगा।
ठेकेदार- हमने तो सभी सभासदों को दिया है। सभासद अजय राज दीक्षित तो फोन कर कमीशन ले लेता है।
ईओ- काहे देते हो भाई, हमें कभी दिया, चैयरमैन को दिया। हिस्से में तो भाई भी बैरी लगता है। मियां-बीबी की भी लड़ाई होती है। विजय (नपा कर्मचारी) के हाथों सभी सभासदों का लिफाफा भेज रहे हैं।
ठेकेदार- एक काम का कमीशन पच्चीस हजार रुपए बैठा था, तो आपने 28 हजार का फोन लिया कि नहीं।
ईओ- एक मोबाइल ले लिया तो क्या हो गया।
ठेकेदार- चेयरमैन प्रतिनिधि हमसे कई बार एक-एक से डेढ़ लाख रुपए ले गया है। वह बच्चों की कसम खाकर इन्कार कर दे।
इस बातचीत के बाद ईओ रुपए गिनने लग जाता है।
क्या कहना है पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि का
वहीं इस टेप में नाम आने के बाद पालिका अध्यक्ष प्रितिनिधि हरीश चौधरी ने कहा है कि हमने कभी किसी से काम के बदले कोई पैसा नहीं लिया है। हमारा नाम लेकर हमें बदनाम करने की साजिश रची जा रही है। विरोधी हमें बदनाम करने का कुचक्र रच रहे हैं। हम पर कोई आरोप सिद्ध करके दिखाए, तो हम राजनीति छोड़ देंगे।'
वहीं नगर पालिका अधिशासी अधिकारी एके सिंह चौहान ने कहा है कि मैंने वीडियो देखा ही नहीं, उसके बारे में मैं क्या बताऊं।
डीएम के संज्ञान में नहीं मामला
जिलाधिकारी निधि केसरवानी का कहना है कि मामला हमारे संज्ञान में नहीं है। अगर इस तरह का कोई मामला है, तो वीडियो की जांच कराई जाएगी। जांच में दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होगी।