चंद्रग्रहण से नौ घंटे पहले लगता है सूतक। ज्योतिषाचार्य डॉ. अरविंद मिश्र से जानें सूतक काल और इसमें बरतने वाली सावधानियों के बारे में।
आगरा। वर्ष 2018 का पहला चंद्रग्रहण आज यानी 31 जनवरी को होगा। ग्रहण से नौ घंटे पहले लगने वाला सूतक काल सुबह 8:18 मिनट से शुरू हो चुका है। शाम 5:18 मिनट से ग्रहण शुरू होगा और इसका समापन 8:42 मिनट पर होगा। ज्योतिषाचार्य डॉ. अरविंद मिश्र का कहना है कि सूतक के दौरान वातावरण में कई नकारात्मक स्थितियां उत्पन्न हो जाती हैं इसलिए सूतक के दौरान कुछ बातों का ध्यान रखने की हिदायत दी जाती है।
1. सूतक लगने के बाद सिलाई कढ़ाई का काम न करें। गर्भवती महिलाएं विशेष ध्यान रखें।
2. खाना न बनाएं। गर्भवती स्त्रियां चाकू, कैंची आदि का प्रयोग न करें। गर्भवती अपने शरीर पर गेरू लगाएं।
जाती है।
3. सूतक काल में भोजन से परहेज करें, लिक्विड डाइट ले सकते हैं। गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों के लिए यह नियम लागू नहीं होता है।
4. खुली आंखों से ग्रहण न देखें, यदि देखना ही है तो एक्सरे की मदद ले सकते हैं।
5. झूठ, फरेब और बुरे विचार दिमाग में न आने दें। माना जाता है कि इस समय में किये गए अपराधों के पाप कई गुना ज्यादा होते हैं। इनसे बचने के लिए किसी भी मंत्र का मानसिक जाप करें। इसका असर भी काफी फलदायी होगा।
6. खाने की वस्तु में तुलसी का पत्ता डालें। माना जाता है कि तुलसी के पत्ते पर ग्रहण की नकारात्मक स्थितियों का असर नहीं होता।
रोगमुक्ति के लिए रुद्राक्ष से शिव का ध्यान
ग्रहण काल में रोग मुक्ति के लिए “महामृत्युंजय” मंत्र का मानसिक जाप करें। इसके अलावा ग्रहण काल में रूद्राक्ष धारण करने से सम्पूर्ण पापों का नाश होता है। रूद्राक्ष की माला से शिव मंत्र का जाप करने से मंत्र समस्त फलों को देने वाला होता है। रूद्राक्ष की माला धारण करने वाले व्यक्ति की हृदय दुर्बलता दूर होती है, रूद्राक्ष की माला धारण करने मात्र से रक्त चाप में भी बहुत आराम मिलता है एवं रूद्राक्ष माला धारण करके धार्मिक व्यक्ति आध्यात्मिक उन्नति प्राप्त कर सकता है।