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25 वर्षों से पुलिस की आंख में धूल झोंक रहा था शातिर, आगरा में लूट का आरोपी बन बैठा था शूटिंग कोच, दिल्ली से हुआ अरेस्ट

Rewarded criminal arrested by agra police : आगरा में लूट के मामले में 25 साल से फरार चल रहे एक शातिर आरोपी को पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि लूट की घटना के बाद वह शूटिंग कोच बन गया था और पहचान छुपाकर दिल्ली में रह रहा था।

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आगरा

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Vijendra Mishra

Jun 03, 2026

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प्रतीकात्मक तस्वीर

Agra crime news: आगरा में लूट के मामले में 25 साल से फरार चल रहे एक शातिर आरोपी को पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि लूट की घटना के बाद वह शूटिंग कोच बन गया था और पहचान छुपाकर दिल्ली में रह रहा था। पुलिस ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद ली और उसकी कार का हुए चालान के बाद पुलिस को उसके नए ठिकाने का पता चला, जिसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया है। आरोपी को पकड़ने वाले पुलिस अधिकारियों को आगरा पुलिस कमिश्नर और डीसीपी ने पुरस्कार भी दिया है।

2002 में की थी लूट

जानकारी के मुताबिक, शाहगंज के अर्जुन वेस्ट नगर का रहने वाला सैमुअल 2001 में एक युवती को लेकर फरार हो गया था। इसके बाद हरी पर्वत थाने में सैमुअल के खिलाफ युवती के परिजनों ने मुकदमा दर्ज कराया था। वहीं, 2002 में करीब पौने दो लाख रुपए की लूट की वारदात में भी सैमुअल शामिल था, जिसके बाद उसके दो साथी दीपक और अमित को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, लेकिन सैमुअल का कुछ पता नहीं चला। पुलिस ने उसे दौरान उसके ऊपर 2500 रुपए का इनाम घोषित किया था।

दिल्ली के स्कूल में सीखा रहा था शूटिंग

पुलिस ने बताया कि इस दौरान सैमुअल ने अपना नाम और पहचान दोनों ही बदल ली और अलग-अलग स्थान पर छुप कर रहने लगा। पुलिस को जानकारी हुई कि उसने अपना नाम सहदेव यादव और अमित मिश्रा रखा था। लूट की वारदात करने के बाद वह मणिपुर भाग निकला। इसके बाद वह गुजरात चला आया और अंत में वह दिल्ली में आकर बस गया और एक स्कूल में शूटिंग कोच बनाकर छात्रों को शूटिंग सीखने लगा।

पुलिस ने बताया कि इसी दौरान सैमुअल के ऊपर 50हजार का इनाम घोषित हो चुका था और उसका एक 25 साल पुराना फोटो पुलिस के पास मौजूद था। पुलिस ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से फोटो को बदल दिया और पुलिस पोर्टल पर उसे डाल दिया गया। पुलिस ने बताया कि सैमुअल की एक तस्वीर ड्राइविंग लाइसेंस से मिलती-जुलती दिखी। जांच करने के दौरान पता चला कि उसके ड्राइविंग लाइसेंस पर चालान हुआ था। पुलिस ने बताया है कि जिस गाड़ी से चालान हुआ था वह किसी महिला के नाम पर रजिस्टर्ड थी।

भेजा गया जेल

डीसीपी सीटी सैयद अली अब्बास ने बताया कि आरोपी से फोटो का मिलान करने के बाद पुलिस एक महीने तक सैमुअल के घर की रेकी करती रही और जब पुलिस को साफ हो गया कि यह सैमुअल ही है, जो दिल्ली में रह रहा है। उसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने जब महिला का पता लगाया तो पता चला कि यह वही युवती थी जिसे सैमुअल लेकर फरार हुआ था। फिलहाल, आरोपी सैमुअल को पुलिस ने जेल भेज दिया है। वहीं, उसे गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम को पुरस्कृत किया गया है