
पेनड्राइव में मिली पति की लड़कियों संग आपत्तिजनक फोटो और वीडियो | फोटो सोर्स- gemini
Agra Crime News: उत्तर प्रदेश के आगरा से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने इलाके में चर्चा का माहौल बना दिया है। एक नवविवाहिता ने जब अपनी शादी की तस्वीरें देखने के लिए पति से पेनड्राइव मांगा तो उसे ऐसी सामग्री देखने को मिली, जिसे देखकर वह हैरान रह गई। आरोप है कि उसी पेनड्राइव में पति के कई युवतियों के साथ अश्लील फोटो और वीडियो मौजूद थे। इसके बाद ससुराल के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए हैं और मामला पुलिस तक पहुंच गया है।
मुकदमे में कहा गया है कि एक दिन युवती ने शादी के फोटो और वीडियो देखने के लिए अपने पति से पेनड्राइव मांगा। आरोप है कि पति ने गलती से दूसरा पेनड्राइव दे दिया। जब युवती ने उसे कंप्यूटर में खोला तो वह हैरान रह गई। उसका आरोप है कि पेनड्राइव में पति के कई युवतियों के साथ अश्लील फोटो और वीडियो मौजूद थे। बताया गया है कि ऐसी सामग्री की संख्या काफी अधिक थी। इन फाइलों को देखने के बाद युवती को ससुराल में चल रही गतिविधियों पर और अधिक शक हुआ।
पीड़िता के मामा की ओर से दर्ज कराए गए मुकदमे के अनुसार, युवती के माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका है। साल 2025 में उसकी शादी आगरा के सदर क्षेत्र में रहने वाले युवक से कराई गई थी। शादी के बाद वह ससुराल में रहने लगी, लेकिन कुछ ही समय में उसे घर का माहौल सामान्य नहीं लगा। आरोप है कि घर में अक्सर बाहर से युवक और युवतियां आते-जाते थे। जब भी उसने इस बारे में सवाल किया तो उसकी सास ने उन्हें रिश्तेदार बताकर बात टाल दी। हालांकि युवती के मन में लगातार संदेह बना रहा।
मानसिक रूप से परेशान युवती ने यह पूरी जानकारी अपने मामा को दी। इसके बाद मामा ससुराल पहुंचे और मामले पर आपत्ति जताई। आरोप है कि विरोध करने पर ससुराल पक्ष के लोगों ने उनके साथ मारपीट की और अभद्र व्यवहार किया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस की मदद ली गई। इसके बाद युवती को ससुराल से बाहर निकाला गया। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि घर में गलत काम किया जाता है।
आगरा के सदर थाने में विवाहिता के साथ मारपीट, जान से मारने की धमकी, गाली-गलौज और लज्जा भंग से जुड़ी धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि शिकायत में लगाए गए आरोप गंभीर हैं और सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस स्थानीय लोगों से भी पूछताछ कर सकती है ताकि आरोपों की सच्चाई का पता लगाया जा सके। साथ ही, जांच के दौरान संबंधित पेनड्राइव को भी सबूत के तौर पर मांगा जा सकता है। फिलहाल वह पेनड्राइव पुलिस को नहीं सौंपा गया है।
Updated on:
30 May 2026, 4:50 PM IST
Published on:
30 May 2026, 2:53 PM IST
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