आगरा

पूर्व सीएम की देखरेख में कांग्रेस बना रही भाजपा की हार का प्लान

राजस्थान, मध्यप्रदेश चुनाव के साथ साथ कांग्रेस का उत्तर प्रदेश में जीत के लिए एक बूथ पर 11 यूथ अभियान, पूर्व सीएम अशोक गहलौत हैं आगरा के प्रशासनिक अधिकारी, सौंपा जाएगा पूरा ब्यौरा
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Updated: 13 Nov 2018, 12:54 PM IST
Harish Meena
Congress spokesman told three candidates

आगरा। भारतीय जनता पार्टी ने जिस तरीके से बूथ को मजबूत कर लोकसभा 2014 और विधानसभा 2017 चुनाव में बड़ी जीत हासिल की थी। अब कांग्रेस पार्टी भी भाजपा को पटखनी देने के लिए उसी रास्ते पर है। पूर्व सीएम अशोक गहलौत के दिशा निर्देश में कांग्रेस पार्टी भारतीय जनता पार्टी से एक कदम बढ़कर अपनी योजना को अमलीजामा पहना रही है। एक बूथ दस यूथ का नारा देने वाली पार्टियों के मुकाबले कांग्रेस पार्टी एक बूथ 11 यूथ पर काम कर रही है। राजस्थान और मध्यप्रदेश के चुनावों के साथ साथ इस पर काम चल रहा है। राजनीति के जानकारों का मानना है कि इस बार कांग्रेस को मध्य प्रदेश और राजस्थान के विधानसभा चुनाव से बृज में सजीवनी मिल सकती है।

चुनावी बिसात बिछा रही कांग्रेस
पिछले कुछ चुनावों में कांग्रेस पार्टी का प्रदर्शन निराशाजनक रहा था। नगर निकाय चुनाव में भी कांग्रेस अच्छा नहीं कर सकी थी। कांग्रेस के दिग्गजों ने इन नतीजों को गंभीरता से देखते हुए ये निर्णय लिया कि बूथस्तर पर पार्टी को मजबूती दी जाएगी। जिसके बाद बूथ पर काम शुरू हुआ। राहुल गांधी ने आगरा में जब रोड शो किया था, तब जबरदस्त भीड़ थी लेकिन, ये भीड़ वोट में तब्दील नहीं हो सकी थी। आगामी लोकसभा चुनाव को देखते हुए कई योजनाएं बनाई जा रही हैं, जिनमें बूथ स्तर पर काम की ये योजना भी शामिल है। जिलाध्यक्ष दुष्यंत शर्मा ने पत्रिका को जानकारी दी कि इस बार एक बूथ पर 11 लोगों को जोड़ने का काम किया जा रहा है। बूथ के सभी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं के नाम, मोबाइल नंबर और उनकी ईमेल आईडी भी जोड़ी जा रही हैं। पार्टी शीर्ष नेतृत्व कभी भी इन कार्यकर्ताओं या पदाधिकारियों से सीधे संवाद कर सकता है। पूरी जानकारी 30 नवंबर तक भरने के बाद इसे पार्टी हाईकमान को भेज दी जाएगी। पूर्व सीएम अशोक गहलौत की निगरानी में आगरा की पूरी डिटेल होगी। बूथ पर पार्टी मजबूत होगी तो चुनाव में जीत आसान होगी। इस बार भारतीय जनता पार्टी की केंद्र और प्रदेश सरकार की कमियों को भी जनता तक पहुंचाया गया है। जो झूठे वादे सरकारों ने किए हैं, उनकी पूरी जानकारी जनता को दी गई हैं।

चुनाव में गठबंधन पर सभी की नजरें
विधानसभा 2017 के चुनाव में उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव और राहुल गांधी ने मिलकर चुनाव लड़ा था। संभावनाएं बन रही हैं कि इस लोकसभा चुनाव में भी गठबंधन की संभावनाएं बन रही हैं। लेकिन, पार्टी कार्यकर्ता गठबंधन से इतर चुनाव की तैयारियों में जुटा हुआ है।

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