World Diabetes Day- शुक्र, शनि और राहू की खराब स्थिति के कारण भी डायबिटीज का रोग होता है। जानिए डायबिटीज के कारण और इसके नियंत्रण के उपाय।
आगरा। डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जो पूरी दुनिया में तेजी से पैर पसार रही है। इसके प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 14 नवंबर को विश्व मधुमेह दिवस मनाया जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कई बार बीमारियों का संबन्ध हमारे ग्रहों की खराब स्थितियों के कारण भी होता है। ज्योतिषाचार्य डॉ. अरविंद मिश्र बता रहे हैं इसके बारे में।
शुक्र के कमजोर होने से होता है मधुमेह
रूप सौंदर्य, आकर्षण, धन संपत्ति, व्यवसाय, प्रेम वासना आदि सांसारिक सुखों का कारक शुक्र ग्रह होता है। जब यह कुंडली में मजबूत स्थिति में होता है तो व्यक्ति का जीवन विलासितापूर्ण गुजरता है। लेकिन जब यह कमजोर होता है तो कई परेशानियों का कारण बनता है। डायबिटीज की बीमारी शुक्र के कमजोर होने के कारण होती है। इसके अलावा शुक्र कमजोर होने से आर्थिक कष्ट, कुष्ठ रोग, गुप्त रोग, गर्भाशय संबंधी रोग आदि भी हो सकते हैं।
शनि और राहू भी करते परेशान
डायबिटीज एक लंबी बीमारी है और लंबी बीमारियां शनि के कमजोर होने से भी होती हैं। वहीं राहू दिमाग को प्रभावित करता है यानी तनाव, अनिद्रा आदि परेशानियां देता है। आपने पढ़ा होगा कि तनाव मधुमेह का बड़ा कारण होता है और तनाव या अन्य मानसिक परेशानियां राहू पैदा करता है। ऐसे में डायबिटीज की बीमारी में शुक्र के साथ साथ शनि और राहू भी जिम्मेदार होते हैं।
शुक्र की मजबूती के लिए करें ये उपाय
1. स्त्री का सम्मान करें।
2. शुक्र मंत्र ओम सं शुक्राय नम: का जाप करें।
3. माता लक्ष्मी की आराधना करें।
4. आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए सूर्य को जल दें और ओम घृणि सूर्याय नम: मंत्र का जाप करें।
5. राहू की शांति के लिए ओम भ्रां भ्रीं भ्रौं स: राहुवै नम: मंत्र का जाप करें।
6. शनि को प्रसन्न करने के लिए गरीब, कमजोर व असहायों की मदद करें।
7. पीपल के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
8. हनुमान बाबा की आराधना करें।
9. शुक्रवार के दिन सफेद चीजें जैसे सफेद वस्त्र, चावल, चीनी, दूध, दही आदि का दान करें।
10. सफेद मोती, सफेद पुखराज, सफेद टोपाज आदि रत्न धारण करें।