अब तक के सर्वे के अनुसार पांच करोड़ दो लाख रुपए का आंधी तूफान के दौरान नुकसान हुआ है, 68 सब स्टेन बंद थे, जिनमें से अभी तक 11 चालू हो पाए हैं।
आगरा। बुधवार शाम आई आंधी तूफान के बाद एक बार फिर सबसे ज्यादा नुकसान बिजली विभाग को होता दिख रहा है। कई जगहों पर खंबे उखड़ गए, कहीं पेेड़ टूट कर लाइऩ पर गिए गए, बिजलीघरों में पानी भर गया। तेज बारिश और आंधी तूफान से कई बिजलीघर प्रभावित हुए हैं। बिजली विभाग अपने स्तर पर सर्वे करा रहा है कि कहां कहां बिजली सेवा वाधित हुई है लेकिन फिर भी जल्द सही हालात की सूचना नहीं मिल पाने पर दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड ने हेल्प लाइन नंबर जारी किए हैंं, जिन पर लोग दो मई को आए आंधी तूफान में क्षतिग्रस्त लाइन की सूचना दे सकते हैं।
इन नंबरों पर दें सूचना
डीवीवीएनएल ने आंधी तूफान के बाद बिगड़े हालातों पर काबू पाने के लिए कंट्रोल रूम स्थापित कर हेल्प लाइन नंबर जारी किए हैं। इन नंबरों पर लोग अपने क्षेत्र में तूफान के दौरान क्षितग्रस्त लाइन की सूचना दे सकते हैं। 0562-2605699 और 0562- 2600718 पर आप फोन कर अपने यहां के हालात बता सकते हैं इसके साथ ही 8859558888 मोबाइल नंबर पर वाट्सएप के जरिए फोटो भेज सकते हैं।
पांच करोड़ का हुआ नुकसान, 68 सब स्टेशन प्रभावित
क्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एसके वर्मा ने बताया कि अब तक के सर्वे के अनुसार पांच करोड़ दो लाख रुपए का आंधी तूफान के दौरान नुकसान हुआ है, यह नुकसान जैसे-जैसे सूचना आएगी और बढ़ सकता है। उन्होंने बताया कि आंधी तूफान से प्रभावित कुल 68 सब स्टेन बंद थे, जिनमें से अभी तर केवल 11 चालू हो पाए हैं। 12 सबस्टेशन देर रात तक चालू हो जाएंगे। 33 केवी लाइऩ के 392 पोल टूटे हैं। पीसीसी पोल 8405 टूटे हैं इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्र के 88 ट्रांसफर खराब हो चुके हैं।
ये इलाके हुए सबसे ज्यादा प्रभावित
आंधी तूफान के दौरान फतेहाबाद , बाह , शामसाबाद, सैंंया, अएला, धमौटा, काकरपुरा, कुकथला, नगला कमाल क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। 132 केवी शमसाबाद उपकेंद्र के दो टावर चूट गए हैंं, जिसके कारण छह सबस्टेशन रविवार सुबह तक बंद रहेंगे। 132 केवी खेरागढ़ उपकेंद्र में 220 केवी की लाइन गिर गई है, जिसके कारण 12 सब स्टेशन बंद हैं, ये कल शाम तक चालू होने की संभावना है।
प्रबंध निदेशक एसके वर्मा का कहना है कि प्रशासन आंधी तूफान के बाद बने हालातों को लागातर मॉनिटर कर रहा है, उच्च स्तर पर लगातार रिपोर्ट भेजी जा रही है।