17 अप्रैल 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

तुम हिंदू धर्म में सुरक्षित नहीं कहकर लड़की को भड़काया, छात्रा ने कोर्ट में खोले राज

राजस्थान की सीए छात्रा के दिमाग में यह बात पूरी तरह बैठा दी गई थी कि वह हिंदू धर्म में सुरक्षित नहीं है। उसे भरोसा दिलाया गया कि उसकी सुरक्षा और अच्छा जीवन सिर्फ धर्म परिवर्तन में है। अब पीड़िता ने आगरा कोर्ट में गैंग के खिलाफ बयान दर्ज कराए हैं।

2 min read
Google source verification

आगरा

image

Aman Pandey

Apr 17, 2026

धर्मांतरण गैंग की आयशा।

आगरा पुलिस ने साल 2025 में जिस धर्मांतरण सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया था, उसमें अब एक ऐसी चौंकाने वाली कहानी सामने आई है जिसने सुरक्षा एजेंसियों के भी होश उड़ा दिए हैं। अगर पुलिस की दबिश में चंद दिनों की भी देरी होती, तो राजस्थान की सीए छात्रा आज कोलकाता की किसी अंधेरी बस्ती में कैद होती। इस छात्रा का न सिर्फ ब्रेन वॉश किया गया था, बल्कि उसे घर से भागने के लिए ऑनलाइन पैसे तक भेज दिए गए थे। वह घर से भागती, इससे पहले पुलिस ने गैंग के 14 सदस्यों को पकड़ लिया। छात्रा का गैंग से संपर्क टूट गया। पीड़िता ने आगरा कोर्ट में गैंग के खिलाफ बयान दर्ज कराए हैं।

सोशल मीडिया पर बिछाया गया था जाल

इस पूरे खेल की शुरुआत सोशल मीडिया के जरिए हुई थी। कोलकाता की आयशा नाम की महिला ने राजस्थान की रहने वाली इस छात्रा को अपने जाल में फंसाया। बातचीत का सिलसिला शुरू हुआ। धीरे-धीरे आयशा ने छात्रा का ब्रेनवॉश करना शुरू कर दिया। उसे बार-बार यह अहसास कराया कि वह हिंदू धर्म में सुरक्षित नहीं है। गैंग ने उसके दिमाग में यह बात गहराई से बैठा दी थी कि उनके धर्म में कोई भेदभाव या जाति बंधन नहीं है।

द केरला स्टोरी जैसा खौफनाक मंजर

फिल्म दी केरला स्टोरी की तरह उसे यह अहसास कराया कि वह उनके साथ सुरक्षित है। आरोपियों ने छात्रा को घर छोड़ने के लिए उकसाया और इसके लिए उसे ऑनलाइन फंड भी ट्रांसफर किया। साजिश के तहत छात्रा को जयपुर से दिल्ली आना था। दिल्ली से उसे भी कलमा पढ़ाकर कोलकाता भेजने की तैयारी थी।

छह राज्यों में पुलिस की एक साथ दबिश

इस गैंग का पर्दाफाश तब हुआ जब आगरा के सदर इलाके की दो सगी बहनें लापता हुईं। पुलिस ने उनकी तलाश में छह राज्यों में एक साथ छापेमारी की। आखिरकार दोनों बहनें कोलकाता की एक मुस्लिम बस्ती से बुर्के में बरामद हुईं। इसके बाद पुलिस ने कड़ियां जोड़ते हुए गैंग के सरगना समेत 14 लोगों को गिरफ्तार किया। जब इन आरोपियों के मोबाइल डेटा को खंगाला गया, तब राजस्थान की इस सीए छात्रा का सुराग हाथ लगा। इसके बाद पुलिस ने तुरंत छात्रा के परिजनों को अलर्ट किया, जिससे एक और जिंदगी बर्बाद होने से बच गई।

डरी हुई छात्रा ने अब दिखाई हिम्मत

शुरुआत में छात्रा और उसका परिवार लोक-लाज और डर के कारण सामने आने को तैयार नहीं था। उन्हें लगा कि कोर्ट-कचहरी के चक्कर में मुसीबत बढ़ जाएगी। पुलिस ने भी उस वक्त कोई दबाव नहीं बनाया, लेकिन हाल के दिनों में धर्मांतरण की बढ़ती घटनाओं और इस गिरोह की सच्चाई देखकर छात्रा का मन बदल गया। उसे अहसास हुआ कि यह कोई व्यक्तिगत मामला नहीं बल्कि एक बड़ा मिशन है। बुधवार को छात्रा ने अपने परिजनों के साथ आगरा पहुंचकर कोर्ट में बयान दर्ज कराए।

साक्ष्यों से कसेगा आरोपियों पर शिकंजा

आगरा पुलिस के लिए ये बयान बहुत अहम साबित होने वाले हैं। इस गैंग के जाल में फंसने वाली यह कोई पहली छात्रा नहीं थी। इससे पहले एक मेडिकल छात्रा का शारीरिक शोषण भी सामने आ चुका है। पुलिस को उम्मीद है कि सीए छात्रा के इन बयानों और मोबाइल से मिले डिजिटल सबूतों के आधार पर अब धर्मांतरण गैंग के सदस्यों को सख्त से सख्त सजा दिलवाई जा सकेगी। फिलहाल पुलिस इस गिरोह के अन्य संपर्कों की तलाश में जुटी है ताकि इस सिंडिकेट की जड़ को पूरी तरह से खत्म किया जा सके।