
आगरा।Ganga Dussehra 2019 बुधवार को मनाया जायेगा। कहते हैं गंगा दशहरा के दिन गंगा में स्नान, ध्यान तथा दान करना चाहिए। स्नान करने से दस तरह के पाप नष्ट होते हैं। जो लोग गंगा नहीं जा पाते, वे हजारों लोग यमुना में स्नान करने जाते हैं, लेकिन यहां यमुना की स्थिति को देखा जाए, तो मैली कालिंदी में आस्था की डुबकी लगाना बेहद मुश्किल है। यमुना किनारे गंदगी का अंबार है।
नहीं बदल सकी तस्वीर
यमुना को साफ करने के लिये ऐसा नहीं है प्रयास न किए गये हों। यमुना नदी आगरा सहित विभिन्न शहरों की जीवन रेखा है। आज इसकी निरंतर हो रही दुर्दशा के कारण ये महज एक नाले में परिवर्तित हो चुकी है। इस भूली हुई नदी को बचाने के लिए आगरा शहर में 1 अप्रैल 2015 से समाजसेवी ब्रज खंडेलवाल के नेतृत्व में रिवर कनेक्ट नाम से एक अनूठा अभियान चलाया जा रहा है। बीते सालों में ये अभियान आगरा में लोगों को जागरूक कर रहा है। यहां रोजाना सायंकालीन आरती का सिलसिला शुरू होता है, लेकिन यमुना सफाई के लिए शासन और प्रशासन के कानों तक जूं तक नहीं रेंग सकी है।
रोजाना होती है सांध्य आरती
अभियान के सदस्य डॉ. देवाशीष भट्टाचार्य ने बताया कि इस अभियान के अंतर्गत रोजाना सायं मथुराधीश मंदिर के महन्त पं. नंदन श्रोत्रिय, पं. जुगल श्रोत्रिय द्वारा यमुनाजी की आरती संपन्न होती है। इस यमुना आरती में पूरे वर्ष आगरा ही नहीं बल्कि अन्य शहरों के सभी धर्मों के लोग भी सम्मिलित हुए हैं। यमुना आरती के अवसर पर पूरे वर्ष रोजाना यमुना जी की वर्तमान दशा पर चर्चा की गई और लोगों को इसे गंदा न करने के लिए प्रेरित भी किया गया। 17 अप्रैल 2016 को केंद्रीय मंत्री गडकरी को यमुना में नाव चलाने का वायदा तो किया, लेकिन वे अपने इस वादे को निभा न सके।