Agra News: आगरा में एक 78 साल के बुजुर्ग वृद्घाश्रम में रहने पहुंचे। ब्रांडेट कपड़े पहने और हाथों में लगेज लिए बुजुर्ग से कर्मियों ने पूछताछ शुरू की तो उन्होंने आत्मसम्मान बचाने की बात कही और अपना परिचय देकर रोने लगे।
Agra News: आपने बागवान फिल्म तो जरूर देखी होगी, जिसमें अमिताभ बच्चन और हेमा मालिनी दोनों अपने बच्चों के पास अलग-अलग रहने चले जाते हैं, करोड़ों के मालिक होने के बावजूद भी उन्हें सम्मान नहीं मिल पाता। ठीक ऐसा ही एक मामला आगरा में भी देखने को मिला है। यहां एक बुजुर्ग अपना बोरिया विस्तार लेकर वृद्धाश्रम पहुंचे और कहा कि मेरा एक बेटा आईएएस है और दूसरा बिज़नेसमैन। फिर भी सम्मान नहीं मिलता। इसलिए मैं यहां रहने चला आया।
दरअसल, आगरा के थाना कमला नगर क्षेत्र में रहने वाले 78 वर्षीय बुजुर्ग बैंक से रिटायर्ड हैं। उनका बड़ा बेटा आईएएस है। करोड़ों की कोठी और बेशुमार संपत्ति है। उनका कहना है कि पत्नी इस उम्र में भी मोबाइल पर बिजी रहती है। कुछ बोलो तो झगड़ा करती है। छोटा बेटा पैसे लेकर अलग हो गया।
आईएएस बेटा जब कभी घर आता है तो अपमानित करता है। इतना कहते ही बुजुर्ग की आंखें सुर्ख लाल हो गईं और वे रोते हुए बोले-अब मुझे उस घर में नहीं रहना। मैं यहीं रहना चाहता हूं।
घटना दो दिन पुरानी है। शनिवार को एक 78 वर्षीय पिता जब ब्रांडेड कपड़े पहने और हाथों में लगेज लिए सिकंदरा स्थित रामलाल वृद्धाश्रम पहुंचे, उनको देख वृद्धाश्रम के कर्मचारियों ने जब पूछ कि किससे मिलना है। तो उन्होंने कहा कि वह किसी से मिलने नही, बल्कि खुद यहां रहें आए है, और फिर इतना कहकर रोना शुरू कर दिया। बुजुर्ग पिता न बताया कि मेरे घर में ही मुझे अपमानित किया जाता है। पत्नी घंटों तक फोन पर बातें करती रही है। मेरा एक बेटा आईएएस है, दूसरा बेटा व्यापारी है। एक बेटी है। करोड़ों रुपए की कोठी है, कई सम्पत्तियां हैं, लेकिन उसके बाद भी सम्मान नहीं मिलता, कोई मुझसे ठीक से बात तक नहीं करता।