आगरा

AAP के भीतर खींचतान तेज, राघव चड्ढा को हटाने पर संजय सिंह ने दिया साफ जवाब

आम आदमी पार्टी (AAP) में अंदरूनी खींचतान के बीच राज्यसभा सांसद Raghav Chadha को उपनेता पद से हटाए जाने पर आप के राज्यसभा सांसद संसद सिंह ने स्थिति स्पष्ट की है। संजय सिंह ने कहा कि चड्ढा महत्वपूर्ण जन मुद्दों को सदन में प्रभावी ढंग से नहीं उठा पा रहे थे, जिसके चलते यह फैसला लिया गया।

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Apr 04, 2026
Raghav Chadha in Parliament (Image: SansadTV)

"देश में गैस संकट, बेरोजगारी, किसानों की समस्याएं और विभिन्न राज्यों में राजनीतिक उत्पीड़न जैसे कई बड़े मुद्दे हैं। पंजाब में हमारे अधिकारों को छीना जा रहा है और गुजरात में पार्टी पदाधिकारियों का उत्पीड़न हो रहा है, लेकिन इन पर अपेक्षित तरीके से आवाज नहीं उठाई जा रही थी। उच्च सदन में पार्टी के उपनेता होने के बाद भी सांसद राघव चड्ढा इन मुद्दों पर नहीं बोल रहे हैं।" आप के राज्यसभा सांसद संसद सिंह ये बातें शहीद स्मारक पर मीडिया से बात करते हुए कहीं।

'कई अहम मौकों पर पार्टी के रुख के साथ नहीं दिखे चड्ढा'

संजय सिहं ने आगे कहा कि चड्ढा कई अहम मौकों पर पार्टी के रुख के साथ नहीं दिखे। न तो जरूरी वॉकआउट में शामिल हुए और न ही CEC से जुड़े मुद्दों पर हस्ताक्षर किए। संजय सिंह ने साफ कहा कि हम Arvind Kejriwal के सिपाही हैं। केजरीवाल ने निडरता से मोदी के खिलाफ लड़ना सिखाया है। मुझे 6 महीने जेल में रखा गया…मेरे ऊपर भी दबाव बनाया गया। अरविंद केजरीवाल…मनीष सिसौदिया…सतेंद्र जैन जेल में रहे। हमें जनता के मुद्दों के लिए मजबूती से लड़ना है, न कि चुप रहना है।

संजय सिंह का भाजपा पर तीखा हमला

जनसभा के दौरान संजय सिंह ने भाजपा पर भी जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं की अनदेखी कर रही है। आरोप लगाया कि समाज को धर्म और जाति के नाम पर बांटने की राजनीति की जा रही है। संजय सिंह ने आगे कहा कि देश में ऊर्जा संकट और गैस की किल्लत है। लोग लाइन में लगे हैं। यह सरकार की विदेश नीति की नाकामी के कारण है। प्रधानमंत्री खुद ही कहते हैं कि कोरोना जैसे हालात है।

बेरोजगारों को मिले 10,000 मासिक बेरोजगारी भत्ता

संजय सिंह ने कहा कि अगर प्रदेश के लोग बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य और सस्ती बिजली चाहते हैं, तो उन्हें AAP को मौका देना चाहिए। साथ ही उन्होंने मांग रखी कि यदि सरकार युवाओं को रोजगार नहीं दे पा रही है, तो कम से कम ₹10,000 मासिक बेरोजगारी भत्ता दिया जाए। इसके लिए दो घंटे सरकारी कार्यालयों में काम करा लिया जाए।

Updated on:
04 Apr 2026 01:58 pm
Published on:
04 Apr 2026 01:56 pm
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