जानिए लाइफ सपोर्ट सिस्टम क्या होता है और कब इसकी जरूरत पड़ती है।
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी लंबे समय से बीमार चल रहे हैं। पिछले 24 घंटों से उनकी हालत काफी नाजुक है। उन्हें जीवन रक्षक प्रणाली यानी लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया है। अटल के गिरते स्वास्थ्य को लेकर पूरे देश में उनके जीवन के लिए दुआएं मांगी जा रही हैं। जानिए क्या होता है लाइफ सपोर्ट सिस्टम।
लाइफ सपोर्ट सिस्टम
जब मरीज की सांस बंद हो जाने की स्थिति पैदा हो जाती है तो उसे मशीन वेंटिलेटर्स के जरिए कृत्रिम सांस देकर बचाने का प्रयास किया जाता है। इसे लाइफ सपोर्ट सिस्टम कहते हैं।
फेफड़े, ब्रेन और दिल जैसे अंगों के काम न करने पर पड़ती जरूरत
life support system किसी भी मरीज को तब पड़ती है जब उसके शरीर के महत्वपूर्ण अंग जैसे फेफड़े, ब्रेन और दिल जैसे अंग काम करना बंद कर देते हैं।
इन परेशानियों में रखा जाता है लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर
फेफड़ों संबन्धी परेशानियां जैसे निमोनिया, नशीली दवाओं का सेवन, रक्त के थक्के और गंभीर फेफड़ों की चोट या बीमारी जैसे सीओपीडी आदि में लाइफ सपोर्ट सिस्टम की जरूरत पड़ सकती है। सडन कार्डिएक अरेस्ट या हार्ट अटैक व ब्रेन स्ट्रोक के दौरान जीवन रक्षक प्रणाली की जरूरत पड़ सकती है।
करीब दो महीनों से अटल का एम्स में चल रहा था इलाज
आपको बता दें कि किडनी नली में संक्रमण, छाती में जकड़न, मूत्रनली में संक्रमण जैसी तमाम स्वास्थ्य समस्याओं के बाद 11 जून को AIIMS में भर्ती कराया गया था । 1988 में अटल बिहारी वाजपेयी ने किडनी संबन्धी समस्या हो गई थी जिसके बाद उन्होंने अमेरिका में इलाज कराया था । फिलहाल 93 वर्षीय BJP नेता की एक ही किडनी काम करती है। वर्ष 2009 में उन्हें स्ट्रोक की समस्या हो गई थी जिसके बाद से अटल की हालत ज्यादा खराब हो गई। धीरे धीरे उनकी सेहत गिरती चली गई। वे डिमेंशिया से पीड़ित हो गए।