
UP Nikay Chunav: समाजवादी पार्टी ने आगरा नगर निगम से जूही प्रकाश जाटव को मेयर प्रत्याशी बनाया था। जूही जाटव खुद को सांसद डिंपल की टीम की सदस्य भी हैं। जूही से पहले सपा ने ललिता जाटव को टिकट दिया था लेकिन 4 घंटे के बाद सपा ने अपना उम्मीदवार बदल दिया। जूही जाटव चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही थी। उन्होंने तीन दिन पहले ही नामांकन करने के लिए पर्चा खरीदा था।
आगरा को दलितों की राजधानी कहा जाता है। यहां पर दलित समाज के ज्यादा लोग रहते हैं। सपा आगरा में निकाय चुनावों में जाटव समाज पर डोरे डाल रही है। आगरा शहर में दलित वर्ग में सर्वाधिक मत जाटव समाज के हैं। सपा ने इस मौके का फायदा उठाने के लिए मेयर प्रत्याशी भी जाटव समाज से उतारा है।
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जूही पार्षद की लड़ चुकी हैं चुनाव
समाजवादी पार्टी की डॉ. बीआर आंबेडकर वाहिनी की पूर्व राष्ट्रीय सचिव 31 वर्षीय जूही प्रकाश 2016 से पार्टी में सक्रिय हैं। 2017 में घास की मंडी वार्ड से पार्षद का चुनाव लड़ चुकी हैं। एमबीए पास जूही के माता और पिता का निधन हो चुका है। वह अपने बड़े भाई के साथ परिवार में रहती हैं। जूही प्रकाश जाटव अविवाहित हैं और उनका खुद का जूते का व्यापार है।
नोटबंदी के समय चर्चा में आईं जूही जाटव
2016 में नोटबंदी के समय ही जूही जाटव चर्चाओं में आई थीं। उन्हें पिता के इलाज के लिए बैंक की लाइन में लगना पड़ा। इसके बाद उन्होंने एक ट्वीट किया था। जो वायरल हो गया। ट्वीट वायरल होने के बाद जूही के पिता का अखिलेश यादव ने इलाज कराया था। हालांकि चार साल बाद जूही के पिता की कैंसर से मृत्यु हो गई। 2013 में जूही की मां का निधन हुआ था।
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