पुलिस उपमहानिरीक्षक, कानून एवं व्यवस्था उत्तर प्रदेश लखनऊ द्वारा 3 अप्रैल को नए आदेश जारी किए हैं।
आगरा। एससी एसटी एक्ट में बदलाव को लेकर भारत बंद के दौरान हुई हिंसक घटनाओं को लेकर शहर में हुए बवाल के बाद प्रशासन सतर्क हो गया है। किसी भी तरह शांति व्यवस्था कायम रहे और शहर को क्षति न पहुंचे, इसलिए पुलिस उपमहानिरीक्षक, कानून एवं व्यवस्था उत्तर प्रदेश लखनऊ द्वारा 3 अप्रैल को नए आदेश जोरी किए हैं।
ये दिए गए आदेश
पुलिस उपमहानिरीक्षक, कानून एवं व्यवस्था उत्तर प्रदेश लखनऊ द्वारा 3 अप्रैल को निर्देश जारी किया गया कि विभिन्न दलित, अनुसूचित जाति जनजाति के संयुक्त नेतृत्व में कांग्रेस, सपा, बसपा आदि राजनैतिक दलों द्वारा 4 अप्रैल को सभी जिला मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन, विरोध, जुलूस प्रदर्शन आयोजित किया जाना प्रस्तावित है। इस मामले को दृष्टिगत रखते हुए जिला मजिस्ट्रेट लाइसेंस प्राधिकारी द्वारा आगरा की वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए व शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आबकारी अधिनियम 1910 की धारा 59 के अंतर्गत प्रदत्त अधिकारियों का प्रयोग करते हुए आदेश दिए गए हैं कि आगरा की सभी प्रकार की थोक, फुटकर बिक्री मदिरा की दुकानें, सैन्य कैंटीन, भांग की दुकानें, होटल बार तथा रेस्टोरेंट 4 अप्रैल को बंद रहेंगे।
स्कूलों का भी अवकाश
अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत बिना जांच के रिपोर्ट न लिखने और गिरफ्तारी न करने का आदेश सुप्रीम कोर्ट ने दिया है। इसके खिलाफ दलितों ने दो अप्रैल को भारत बंद का आह्वान किया था। आगरा में इसका व्यापक असर दिखाई दिया। उपद्रवियों ने कई जगह तोड़फोड़ की। स्कूल की बस भी जला दी गई। दलितों की राजधानी कहा जाने वाला आगरा फिलहाल शांत है, लेकिन प्रभारी जिलाधिकारी रवीन्द्र कुमार मांदड़ ने नर्सरी से कक्षा 12 वीं तक के सभी स्कूल बंद रखने के आदेश दिए हैं। चार अप्रैल को भी आगरा के सभी स्कूल बंद रहे। सूत्रों की मानें तो अभी स्कूलों के अवकाश और भी बढ़ाए जा सकते हैं।
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