आगरा

अध्यापक के एरियर का पैसा निकालने के लिए बाबू ने मांगे थे 10 हजार रुपये, फिर अध्यापक ने चली ऐसी चाल, खुद व खुद फस गया…

एंटी करप्शन के अधिकारियों ने एबीएसए अछनेरा कार्यालय में तैनात लिपिक को गुरूवार दोपहर रंगे हाथ रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया।

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Oct 11, 2019

आगरा। एंटी करप्शन के अधिकारियों ने एबीएसए अछनेरा कार्यालय में तैनात लिपिक को गुरूवार दोपहर रंगे हाथ रिश्वत लेते हुए पकड़ लिया। अधिकारियों ने आरोपी बाबू के खिलाफ थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।

ये है मामला
जनपद फिरोजाबाद के थाना जसराना के गांव दारापुर मिलावली निवासी शैलेन्द्र कुमार सिंह पुत्र दफेदार सिंह प्रधानाध्यापक हैं। वह विकास खंड अछनेरा के गांव गढीमा में स्थित प्राथमिक विघालय में प्रधानाध्यपक पद पर तैनात हैं। बताया गया है कि शैलेन्द्र ने खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय अछनेरा में तैनात कनिष्ठ लिपिक प्रबल दुबे से मार्च 2017 से जून 2018 तक के एरियर बरामद कराने के लिए कहा। जिस पर लिपिक ने प्रधानाध्यापक से काम करने के एवज में 10000 हजार रुपए रिश्वत मांगी। इस पर प्रधानाध्यापक शैलेन्द्र कुमार ने इसकी शिकायत एन्टी करप्शन के अधिकारियों से कर दी।

रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा
शैलेन्द्र कुमार गुरूवार दोपहर करीब 1.30 एबीएसए के कार्यालय पर पहुच गए। वह बाबू प्रबल दुबे को रिश्वत के 10000 हजार रुपए दे रहा था। तभी एन्टी करप्शन के अधिकारियो ने बाबू को रंगे हाथ पकड लिया। इसके बाद वे बाबू को थाना अछनेरा ले गए। उसे हवालात में बंद कर दिया। अधिकारियो ने मामले में लिपिक प्रबल दुबे के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। बाबू को रंगे हाथ पकडने वाली टीम में निरीक्षक रामपाल, महेश चंद गौतम, मुख्य आरक्षी दीपक सिंह सेंगर, अनीता यादव, चालक राघवेन्द्र सिंह आदि मौजूद रहे।

इनपुट: देवेश शर्मा

Published on:
11 Oct 2019 06:30 pm
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