
आगरा। "No More Pakistan Movement" के अंतर्गत आगरा में हुई संगोष्ठी में कर्नल डॉक्टर राजीव उपाध्याय ने बताया कि पाकिस्तान में रहने वालों लोगो की अत्यंत बुरी दशा है। पाक अधिकृत कश्मीर में मानवता नाम की वस्तु नहीं है। पाकिस्तान की आर्मी और आतंकवादियों का कहर बदस्तूर जारी है, अतः वहां के लोग पाकिस्तान की नागरिकता को अस्वीकार करना चाहते हैं। इस स्थिति में पाकिस्तान जल्द ही विश्व के पटल से समाप्त होने की स्थिति में है। बस हमें अपने राष्ट्र को समर्थन व समर्पण देने की आवश्यकता है। कर्नल जीएम खान ने कहा कि वर्तमान में हमारे देश के अंदर रहे गद्दारों को पहचान कर उनके मंसूबों को विफल करना होगा साथ ही पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देना होगा।
भारत से बढ़ी आशा
इंजी दिवाकर तिवारी महासचिव ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए कहा कि भारत का वर्तमान में वैश्विक यात्रा सम्पूर्ण विश्व में किसी से छिपी नहीं है। भारत मध्य एशिया, पूर्वी एशिया के क्षेत्र में अपनी आभामयी उपस्थिति का एहसास करा रहा है और भारत के इस कदम से छोटे छोटे अनेक राष्ट्र अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए भारत की तरफ आशा भरी दृष्टि से भी देख रहे हैं, क्योंकि वर्तमान में चीन की विस्तारवादी सोच और पाकिस्तान की आतंक वादी घटनायें समस्त हिन्द महासागरीय परिक्षेत्र मे अनेक छोटे छोटे राष्ट्रों के संप्रभुता के लिए खतरा बनती जा रही हैं। चीन अपनी औपनिवेशिक सोच को उद्योग के नाम पर बढ़ाता चला जा रहा है। OBOR परियोजना CPED परियोजना इत्यादि के द्वारा वह छोटे छोटे राष्ट्रों को अपने कर्ज़ और ब्याज के अधिकता मे दबा दे रहा है और उनकी ज़मीनों को उद्योग केंद्रों को विकसित करने कर नाम पर और उनकी सुरक्षा के नाम पर PLA को भी रखने की कोशिश की है। यद्यपि भारत भी इसका जवाब चाबहार परियोजना, कंबोडिया, म्यांमार में ट्राइ लैटरल रोड योजना तथा अनेक एसीआई देशों में अपनी आर्थिक योजनाओं के विस्तारीकरण से दे रहा है।
इस्लामिक कट्टरता से बना पाकिस्तान
फैंस महासचिव डॉ. रजनीश त्यागी ने कहा कि बलूच और पश्तून सिंध और महाजिर के लोग 1948 से ही अपनी संस्कृति की रक्षा की रक्षा के लिए पाकिस्तान से संघर्षरत हैं। इस्लामिक कट्टरता से बना पाकिस्तान अब इस थेओरी पर संगठित नहीं रह पाएगा। क्योंकि इस्लामिक कट्टरता पर भाषाई कट्टरता भी हावी हो गयी है। बांग्लादेश का निर्माण इस बात को प्रामाणित करता है। कर्नल यूसी दुबे ने कहा डरने की आवश्यकता नहीं हमारी सेना जबाब देने में सक्षम हैं।
ये रहे मौजूद
कार्यक्रम में अतिथियों का सचिव अन्नू दुबे, हरेंद्र त्यागी, जितेंद्र सिंह, रवि कोटिया ने माल्यार्पण कर स्वागत किया। कार्यक्रम में प्रोफेसर सुगम आंनद, डॉ. राजीव उपाध्याय निदेशक हिंदुस्तान, इंजी दिवाकर तिवारी, डॉ हरिनारायण चतुर्वेदी, डॉ. अनुराग शर्मा, सुदर्शन दुआ, आंनद राय, रामेंद्र पचौरी, अनुज उपाध्याय, श्याम सलोने वसिष्ठ, एड शशिकांत गुप्ता, अमी आधार निडर, नरेश पारस, रामनाथ गौतम इत्यादि उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन इंजी दिवाकर तिवारी ने किया।