विवादित भूमि राम जन्मभूमि को दे दी है।
आगरा। सर्वोच्च न्यायालय ने राम मंदिर पर फैसला कर दिया है। विवादित भूमि राम जन्मभूमि को दे दी है। इसके साथ ही रामलाल विराजमान स्थल पर भव्य राम मंदिर बनाने का रास्ता साफ हो गया है। इस पर अंतरराष्ट्रीय विश्व हिन्दू परिषद की युवा शाखा राष्ट्रीय बजरंग दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज कुमार ने पहली प्रतिक्रिया दी है।
मनोज कुमार ने पत्रिका से फोन पर कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के पांच न्यायाधीशों ने परमेश्वर की भूमिका निभाई है। राम जन्मभूमि पर मंदिर बनाने के लिए अशोक सिंघल, रामचन्द्र परमहंस आदि संतों की शहादत बेकार नहीं गई। यह सिद्ध हो गया है कि भारत में न्याय व्यवस्था जीवित है। सर्वोच्च न्यायालय के फैसले की जितनी सराहना की जाए, कम है। वास्तव में यह भारत के संविधान और भारत की जनता की जीत है। हम न्यायालय के फैसले का अभिनंदन करते हैं। इससे अच्छा फैसला हो नहीं सकता है। यह फैसला साम्प्रदायिक सद्भाव बढ़ाने वाला है।