Prelude public school में 20 स्कूलों के शिक्षकों की कार्यशालादेश अपनाएं फाउंडेशन ने बताया कैसे करें Patriotism जाग्रतआज के Students कल के कर्णधार, Teachers पर बड़ा उत्तरदायित्व
आगरा। प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल (Prelude public school) में अप्सा (Association of Progressive Schools of agra) से संबद्ध विद्यालयों के सामाजिक विज्ञान तथा पाठ्यक्रम सहगामी गतिविधियों के शिक्षकों के लिए एक आत्म जागृति ओरिएंटेशन) कार्यशाला का आयोजन किया गया है। इस अवसर देश अपनाएं संगठन के वरिष्ठ कार्यक्रम प्रबंधक निखिल महात्रे तथा नीसा (नेशनल इंडिपेडेंट स्कूल एलाइंस) एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलभूषण शर्मा, एडवोकेसी मैनेजर एस आर थॉमस एंटनी उपस्थित थे। कार्यशाला में सुजाता गुप्ता एवं अमित गुप्ता ने शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया। कार्यक्रम में अप्सा से जुड़े 20 विद्यालयों के 45 शिक्षकों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम के माध्यम से अप्सा से सम्बद्ध विद्यालयों के शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया, जिससे वे छात्रों में देश प्रेम का भाव जगाने और सुयोग्य नागरिक बनने में उनका मार्गदर्शन कर सकें।
दीज प्रज्ज्वलन के साथ शुभारंभ
कार्यक्रम का संचालन करते हुए श्री आर. पी. सिंह ने सभी आगंतुकों का अभिनंदन किया। प्रकृति के संरक्षण के प्रति अपनी सजगता का प्रतीक नवांकुर भेंट किया। मुख्य अतिथि नीसा के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलभूषण शर्मा तथा सभी वक्ताओं को दीप प्रज्ज्वलन के उपरान्त प्रशिक्षण कार्यशाला का विधिवत शुभारंभ हुआ।
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शिक्षकों पर उत्तरदायित्व
कार्यशाला के सभी प्रतिभागियों को प्रतिभागिता प्रमाण-पत्र दिए गए। मुख्य अतिथि तथा अतिथि वक्ताओं को विद्यालय के निदेशक डॉ. सुशील गुप्ता एवं श्याम बंसल ने स्मृति चिह्न देकर उनका अभिनंदन किया। मुख्य अतिथि ने अपने आशीर्वचनों में सभी को संबोधित करते हुए आज के परिपेक्ष्य में देश प्रेम की भावना की अभिवृद्धि के महत्व को समझाया। उन्होंने कहा कि आज के छात्र ही कल के भारत के कर्णधार हैं इसलिए शिक्षकों के ऊपर एक बड़ा उत्तरदायित्व है। उनमें नैतिक मूल्यों एवं सद्गुणों के विकास की नींव डालकर उन्हें सुयोग्य नागरिक बनाने का कार्य शिक्षकों को ही करना होगा।
देश के प्रति भाव बढ़ाना है
प्रधानचार्या याचना चावला ने कहा कि देश अपनाएँ फाउंडेशन द्वारा आयोजित कार्यशाला आज के समय की आवश्यकता है। आज के युवा ही कल के भारत का भविष्य हैं। उनमें देश के प्रति भाव बढ़ाना, अपनी संस्कृति के प्रति सम्मान भाव को पुनः जागृत करना आवश्यक है। पाश्चात्य संस्कृति ने हमारी संस्कृति और मूल्यों को बहुत क्षति पहुँचाई है। उन्हें फिर से बच्चों में आरोपित कर देश को सुयोग्य नागरिक प्रदान करने की दिशा में हम सभी को अपना भरपूर सहयोग देना होगा।