आगरा में जुटेंगे रेडियोलॉजिस्ट और अल्ट्रासोनोलॉजिस्ट12 से 13 अक्टूबर तक इंडियन रेडियोलॉजिकल एंड इमेजिंग एसोसिएशन यूपी चेप्टर की कार्यशाला
आगरा। गर्भ में शिशु का विकास सही तरह से नहीं हो रहा है, जन्मजात विकृति हो सकती है। वहीं पुरुष बांझपन किस कारण से है, यह इमेजिंग से पता किया जा सकता है। इसे लेकर इंडियन रेडियोलॉजिकल एंड इमेजिंग एसोसिएशन यूपी चेप्टर की कार्यशाला में चर्चा की जाएगी। इसमें देश भर के 200 से अधिक रेडियोलॉजिस्ट और अल्ट्रासोनोलॉजिस्ट शामिल होंगे।
रीकॉन यूपी 2019 में होगा मंथन
शुक्रवार को हरी चटनी रेस्टोरेंट में आयोजित प्रेसवार्ता में पैटर्न डॉ भूपेंद्र आहूजा ने बताया कि 12 से 13 अक्टूबर तक होटल कोर्टयार्ड बाय मैरिएट में रिकॉन यूपी 2019 का आयोजन किया जा रहा है। पहले दिन पुरुष और महिला बांझपन में इमेजिंग पर चर्चा की जाएगी। बांमझपन किस कारण से है, यह अत्याधुनिक इमेजिंग तकीनीकी से पता किया जात सकता है। वहीं, महिलाओं में सबसे ज्यादा सामने आ रही एंडोमेट्रियोसिस की इमेजिंग पर विशेषज्ञ चर्चा करेंगे। कंधे के जोड, कलाई और एडी के जोड के अल्ट्रासाउंड, ब्रेन टयूमर से पहले और बाद में अल्ट्रासाउंड पर चर्चा की जाएगी। रीढ की हडडी के आपरेशन के बाद की जांच, उम्र बढने के साथ दिमाग में होने वाले मेटाबॉलिक बदलाव, इससे होने वाली डिमेंशिया से लेकर अन्य मानसिक बीमारियों की डायग्नोजिज पर व्याख्यान दिए जाएंगे।
इस विषय पर होगी चर्चा
दूसरे दिन गर्भ में शिशु के विकास, गर्भस्थ शिशु के ईको सहित पिडियाट्रिक इमेजिंग पर चर्चा की जाएगी। प्रेसवार्ता में डॉ. वनज माथुर, डॉ. पंकज नगायच, डॉ. अरविन्द गुप्ता, डॉ. अजय बुलागन, डॉ. अनिल अरोरा आदि मौजूद रहे। कार्यशाला का उद्घाटन 12 अक्टूबर को दोपहर 12 15 बजे होगा।