दयालबाग इंजीनियरिंग कॉलेज के विद्यार्थी के उपन्यास का हुआ विमोचन
आगरा। हर किसी के लिए जिंदगी का अलग-अलग पहलू है। किसी के लिए समस्याओं से भरी जिंदगी एक एडवेंचर है, तो किसी के लिए बेहद सुखद एहसास, तो किसी के लिए खट्टे मीठे अनुभवों का मिश्रण। एक आम व्यक्ति की जिंदगी के कुछ ऐसे ही पहलुओं का समावेश है ड्रेडफुल बिगनिंग। डीईआई इंजीनियरिंग के छात्र यशांक श्रीवास्तव ने अपनी पहली पुस्तक ए ड्रेडफुल बिगनिंग में जिंदगी के कई रंगों को खुद में समेटे हैं। यह कहना था इंग्लिश लिटररी सोसायटी ऑफ आगरा के कनवीनियर व वरिष्ठ पत्रकार ब्रज खंडेलवाल का। वे होटल गोवर्धन में यशांक की पुस्तक के विमोचन कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे।
लेखन की रुचि हो रही कम
उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी में लेखन के प्रति रूचि कम हो रही है। ऐसे में यशांक जैसे युवा का लेखन क्षेत्र में कदम रखना अच्छे संकेत हैं। हमें युवा पीढ़ी को लेखन क्षेत्र के लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। डीईआई के यह तीसरे इंजीनियर छात्र द्वारा लिखी गई किताब है। बृजमंडल हैरीटेज सोसायटी के अध्यक्ष सुरेन्द्र शर्मा ने लेखक यशांक को बधाई दी व अन्य युवाओं को भी लेखन क्षेत्र में आगे आने के लिए प्रोत्साहित किया। वहीं यशांक ने अपनी पुस्तक के बारे में बताते हुए कहा कि जिंदगी एक खेल है और इस खेल में कई दांव हैं। इन दांवों को पार करना ही सफल जिंदगी का नाम है। इस अवसर पर ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष राकेश शर्मा, यशपाल श्रीवास्तव, निशा, पूनम, गुलशन, रिमझिम वर्मा आदि उपस्थित थीं।
ये है कहानी...
ए ड्रेडफुल बिगनिंग एक ऐसे आम व्यक्ति की कहानी है जो बैंक की नौकरी कर अपने छोटे से परिवार में खुश है, लेकिन मुस्ताक बदला लेने के लिए उसकी बेटी मीरा का अपहरण करता है। जिससे रिहान और मीरा की जिंदगी के साथ देवेन्द्र की जिन्दगी भी झुलस जाती है। मुस्ताक बदला किस चीज का लेता है, यह सस्पेंस है। जो आपको कहानी पढ़ने पर ही पता चलेगा।