जानें कुंडली में गुरू की स्थिति मजबूत करने के तरीके व गुरुवार के दिन कौन से काम करने चाहिए और कौन से नहीं।
आगरा। शास्त्रों में बृहस्पतिवार के दिन कुछ काम करना जैसे सिर धोना, नाखून काटना आदि की मनाही है। माना जाता है कि यदि इस दिन इन कामों को किया जाए तो कुंडली में गुरू कमजोर हो जाता है। ज्योतिषाचार्य डॉ. अरविंद मिश्र के मुताबिक गुरू की कमजोर स्थिति के चलते आर्थिक समस्याएं होती हैं, विवाह में अड़चन आती है व अन्य कई तरह की परेशानियां होती हैं। जिनकी गुरू की स्थिति पहले से कमजोर है, उन्हें खासतौर पर इन परेशानियों से बचना चाहिए। ज्योतिषाचार्य डॉ. अरविंद मिश्र से जानिए इन स्थितियों से बचने और गुरू को मजबूत करने के उपाय।
लक्ष्मी नारायण की पूजा करें
गुरू को मजबूत करने के लिए हर बृहस्पतिवार को भगवान नारायण और माता लक्ष्मी का पूजन करना चाहिए। इन्हें संपन्नता का प्रतीक माना जाता है। पूजन के दौरान उन्हें चने की दाल और गुड़ का भोग लगाएं। बृहस्पतिवार की कथा पढ़ें। केले के पेड़ का पूजन करें, लेकिन उस दिन केले का सेवन न करें। संभव हो तो व्रत रखें, नहीं रख सकें तो पूजन तो जरूर करें। ऐसा करने से परिवार में धन की को कमी नहीं रहती। पति पत्नी के रिश्ते में मिठास बढ़ती है। दरिद्रता दूर हो जाती है और पारिवारिक क्लेश खत्म हो जाते हैं।
इन कामों से दूरी बनाएं
सिर न धोएं, नाई के पास न जाएं: डॉ. अरविंद मिश्र बताते हैं कि इस दिन सिर धोने, बाल कटवाने, शेविंग करने व नाखून आदि काटने से परहेज करना चाहिए। इससे धन संबन्धी परेशानियां आती हैं, साथ ही उन्नति बाधित होती है।
घर का कबाड़ न फेंके: घर की सामान्य सफाई करने में कोई हर्ज नहीं है, लेकिन खासतौर पर इस दिन सफाई व धुलाई आदि न करें। अधिक भारी भरकम कपड़े जो कभी कभार धोए जाते हैं, उन्हें गुरुवार के बजाय किसी अन्य दिन धोएं। घर का कबाड़ बाहर न फेंकें। गंदगी वाले किसी भी काम से इस दिन परहेज करें। इससे बच्चों, पुत्रों, घर के सदस्यों की शिक्षा आदि प्रभावित होती है।
अच्छे काम की शुरुआत इस दिन से करें
डॉ. अरविंद मिश्र के मुताबिक मान्यता है कि गुरुवार को किए गए कार्य की जीवन में पुनरावृत्ति होती है, इसलिए किसी भी शुभ काम को इस दिन से शुरू करें। ताकि जीवन में बार बार शुभ अवसर आएं।