किसानों को सरकार ट्यूवबैल के लिए सोलर सिस्टम के लिए अनुदान प्रदान करेगी। इस योजना में अनुदान का लाभ उठाने के लिए किसानों को 31 अगस्त 2018 तक आवेदन करना होगा।
आगरा। उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए बड़ी खबर है। अब किसानों को बिजली के बिल से मुक्ति देने के लिए सरकार ने बड़ा उपहार दिया है। किसानों को ट्यूवबैल के लिए सोलर सिस्टम प्रदान किये जायेंगे, वो भी अनुदान पर। इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों को 31 अगस्त 2018 तक आवेदन करना होगा।
सिंचाई के लिए सोलर पंप अनुदान की प्रक्रिया
उप कृषि निदेशक ने जनपद के किसानों के लिये सूचना प्रेषित की है कि वित्तीय वर्ष 2018-19 हेतु सोलर फोटोवोल्टेड इरीगेशन पम्प की स्थापना पर अनुदान की योजना में सोलर पम्प पर गत् वर्ष 2017-18 के अवशेष के लक्ष्य व दरें तथा वर्तमान वर्ष 2018-19 के लक्ष्य प्राप्त हुये हैं, लेकिन वर्तमान वित्तीय वर्ष 2018-19 हेतु सोलर पम्पों के मूल्य व अनुदान यूपी नेडा द्वारा निविदा उपरांत प्राप्त दरों के अनुसार निर्धारित होंगे।
पहले आओ, पहले पाओ
उन्होंने बताया है कि प्राप्त लक्ष्यों को 18 अगस्त से 31 अगस्त 2018 तक ‘‘पहले बैंक ड्राफ्ट लाओ-पहले सोलर पम्प पाओं‘‘ के सिद्धांत पर देय होंगे। 31 अगस्त 2018 तक ऐसे पंजीकृत कृषक जो बोरिंग एवं जल स्तर की उपयुक्तता के अनुसार बैंक ड्राफ्ट उपलब्ध करा देंगे उनके बैंक ड्राफ्ट जमा करने की तिथि व समय के आधार पर पहले आओ, पहले पाओ के सिद्धांत पर चयन किया जायेगा।
कितना मिलेगा अनुदान
योजना में 22.5 प्रतिशत अनुसूचित जाति एवं जनजाति तथा लघु एवं सीमांत ऐसे कृषकों को सोलर पम्प उपलब्ध कराया जायेगा, जो वर्तमान में डीजल पम्पसेट के द्वारा सिंचाई कर रहे हैे अथवा उनके पास सिंचाई हेतु ऊर्जा का स्रोत उपलब्ध न हो तथा उनके स्थल विद्युत ग्रिड से 300 मीटर की दूरी पर स्थित है, 3 एचपी समरसेबल सोलर पम्प हेतु 120 से 130 फुट तक, 5 एचपी समरसेबल सोलर पम्प हेतु 200 फुट तक जलस्तर एवं 6 इंच व्यास का क्रियाशील बोरिंग कृषक के पास होना अनिवार्य है। अधिक जानकारी के लिए किसी भी कार्यदिवस में कार्यालय उप कृषि निदेशक, आगरा एवं उप संभागीय कृषि प्रसार अधिकारी कार्यालय में सम्पर्क किया जा सकता है।