आगरा

DBRAU Convocation 2019: राज्यपाल ने बेटियों से कहा जो दहेज मांगे, उस परिवार में न करें विवाह

दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता कुलाधिपति राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने की। मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा थे।

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Oct 11, 2019

आगरा। डॉ. भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय के 85वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बेटियों को खास संदेश दिया। राज्यपाल ने आगरा विश्वविद्यालय के गौरवमयी इतिहास का जिक्र किया। राज्यपाल ने कहा कि इस विवि ने देश को दो प्रधानमंत्री दिए हैं। दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता कुलाधिपति राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने की। मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा थे। 85वे दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति ने मेधावियों को 108 मेडल दिए। पदक पाने वाले मेधावियों में 98 छात्राएं और 23 छात्र हैं। पदकों में 105 स्वर्ण और 16 रजत हैं। 85 स्वर्ण और 13 रजत पदक छात्राओं को मिले। चार डीलिट, 71 पीएचडी और 127 एमफिल की डिग्री भी दी गईं।

यहां दी जाती है राष्ट्र निर्माण की दीक्षा
राज्यपाल आनंदबेन पटेल ने कहा कि Dr. B.R. Ambedkar University के 85वें दीक्षांत समारोह में सम्मिलित होकर प्रसन्नता का अनुभव हो रहा है। राज्यपाल ने कहा कि छात्रों को राष्ट्र निर्माण की दीक्षा दी जाती है। यह छात्र नए भारत के निर्माण में अपना योगदान देंगे। आगरा विवि का नाम अंबडेकर के नाम पर है, जिनका राष्ट्र के निर्माण में अमूल्य योगदान है जिसे भुलाया नहीं जा सकता। आगरा ऐतिहासिक धरोहर और क्रांतिकारी लोगों वाला शहर है, यहां भगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद जैसे देशभक्तों की कर्मभूमि रही है। आजादी से पहले नेपाल तक के विद्यालय आगरा विद्यालय से सम्बद्ध थे। वर्तमान में पांच लाख से ज्यादा छात्र पढ़ रहे हैं। यहां के छात्रों ने राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में अमूल्य योगदान दिया है। चौधरी चरण सिंह के साथ साथ अटल बिहारी वाजपेयी भी यहां से निकलेे थे।

टीवी मुक्त के लिए आगरा विवि उठा चुका कदम
राज्यपाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का सपना है भारत 2025 तक टीवी मुक्त हो। इसके लिये आगरा विवि कदम उठा चुका है जो धन्यवाद का पात्र है। उन्‍होंने कहा कि जहां भी विश्वविद्यालयों में जाती हैं, तो देखती हैं कि बेटियां शिक्षा में कितनी आगे बढ़ रही हैं, जबकि एक ओर हम कुपोषण से जूझ रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद भी हमारी बेटियां कितनी सशक्त हैं, यह हमें नहीं पता है। कुपोषण से सरकार मुक्त कराने के लिए काम कर रही है, लेकिन जब तक बेटी नहीं पढ़ेंगी तब तक कुपोषण दूर नहीं होगा। आज सम्पूर्ण विश्व बालिका दिवस मना रहा है। आज के इस दिन पर विवि में 650 छात्र- छात्राओं के हीमोग्लोबिन चैक कराया गया है। 10 फीसद से ज्यादा छात्राओं के भीतर हीमोग्लोबिन की कमी है। इसके लिए लोगों को प्रयास करना चाहिए कि जननी कुपोषित नहीं हो। जब तक गर्भवती स्त्री सशक्त नहीं होंगी तब तक कुपोषण दूर नहीं होगा। 650 में से 140 छात्राएं हीमोग्लोबिन की कमी से जूझ रही हैंं, जिसके लिए काम करना होगा। डायट प्लान तैयार करना होगा।

लड़कियां थोड़ी और मेहनत करती तो...
राज्यपाल ने कहा कि 80 फीसद गोल्ड मैडल छात्राओं ने प्राप्त किए हैं, जबकि 20 फीसद गोलड मैडल छात्रों के लिए छोड़ दिए हैं। यदि बेटियां थोड़ी और मेहनत करतीं, तो कुछ भी नहीं छोड़ती। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि यह तय करना है 15 दिन तक जितनी बेटियां आंगनबाड़ी और प्राइमरी स्कूल में हैं, उसे लक्ष्मी मानकर उनका सम्मान कीजिये। अगर बेटी को लक्ष्मी मानेंगे तो उसका समाज मेंं सम्मान होगा और छेड़छाड़ की घटनाओं पर अंकुश लगेगा। इसके लिए विवि के शिक्षकों को काम करना होगा।


इन पर भी ध्यान देने की आवश्यकता
इस अवसर पर राज्यपाल ने बाल विवाह, ***** अनुपात और प्लस्टिक को लेकर भी अपने विचार रखे। राज्यपाल ने कहा कि प्लास्टिक बाहर फैंकने का काम पूरे देश मे चल रहा है। हमारी एक गलती के कारण गाय बछड़े बर्बाद हो रहे हैं। बीमार हो रहे हैं। एक ओर जहां गाय बचाने के आंदोलन किये जा रहे है तो वहींं प्लास्टिक से गाय की हत्या की जा रही है। टीबी और प्लास्टिक मुक्त देश बनाने के लिए सरकार काम कर रही है।

Published on:
11 Oct 2019 04:27 pm
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