अहमदाबाद

श्रम राज्यमंत्री कांतिलाल ने किया कमाल, मच्छू डैम-2 के किनारे 10 लाख पौधे रोपे

मोरबी. गांधीनगर. गुजरात के श्रम, कौशल विकास और रोजगार राज्यमंत्री कांतिलाल अमृतिया ने मोरबी में पर्यावरण संरक्षण का एक अनूठा उदाहरण पेश किया। मोरबी पांजरापोल ट्रस्ट के ट्रस्टी और छह बार विधायक रह चुके कांतिलाल अमृतिया ने पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का संकल्प लिया। ट्रस्ट की 4500 बीघा जमीन में से 1200 बीघा क्षेत्र को वृक्षारोपण के लिए चुना गया। इससे पहले उन्होंने मच्छू डैम के किनारे आठ चेकडैम बनवाकर जल संरक्षण का महत्वपूर्ण कार्य किया था।

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मच्छू डैम-2 के किनारे हरियाली से लहलहा रही जमीन।

कैंसर से नहीं मानी हार, शेष जीवन प्रकृति की गोद में समर्पित करने का लिया संकल्प

मोरबी. गांधीनगर. गुजरात के श्रम, कौशल विकास और रोजगार राज्यमंत्री कांतिलाल अमृतिया ने मोरबी में पर्यावरण संरक्षण का एक अनूठा उदाहरण पेश किया।
मोरबी पांजरापोल ट्रस्ट के ट्रस्टी और छह बार विधायक रह चुके कांतिलाल अमृतिया ने पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने का संकल्प लिया। ट्रस्ट की 4500 बीघा जमीन में से 1200 बीघा क्षेत्र को वृक्षारोपण के लिए चुना गया। इससे पहले उन्होंने मच्छू डैम के किनारे आठ चेकडैम बनवाकर जल संरक्षण का महत्वपूर्ण कार्य किया था।

500 लोगों ने रोज 25 से 30 हजार पौधे रोपे

इस अभियान को सफल बनाने के लिए सद्भावना वृद्धाश्रम की मदद से विस्तृत योजना बनाई गई। अमृतिया ने कहा कि मच्छू डैम-2 के किनारे कभी वीरान और उपेक्षित रही यह जमीन आज हरियाली से लहलहा रही है। अनुपजाऊ जमीन को समतल कर उसमें बाहर से उपजाऊ मिट्टी और गोबर खाद डाली गई। पूरे क्षेत्र की बाड़बंदी की गई और फिर 500 लोगों की टीम ने रोजाना 25 से 30 हजार पौधे रोपे। लगातार 37 दिनों की मेहनत के बाद 10 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य पूरा हुआ। 8 महीने बाद ये पौधे विकसित होकर पेड़ों का रूप ले चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 75वें जन्मदिन के अवसर पर 2025 में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इस ‘नमो वन’ का लोकार्पण किया था। मुख्यमंत्री ने हाल ही ‘नमो वन’ का दौरा कर यहां आइकॉनिक रोड निर्माण के लिए 3 करोड़ रुपए की विशेष ग्रांट आवंटित की।

सर्जरी के बाद 5 कीमोथेरेपी पूरी, अब ले रहे इम्यूनोथेरेपी

64 साल के कांतिलाल ने हाल ही में कैंसर का पता चलने पर सर्जरी करवाई है। 5 कीमोथेरेपी पूरी करने के बाद अभी वे इम्यूनोथेरेपी ले रहे हैं। इस मुश्किल हालात में भी उनका जनसंपर्क जारी है।

प्रकृति ने दिया दूसरा जीवन

उन्होंने कहा कि कैंसर की सर्जरी के बाद मुझे ऐसा लगता है कि प्रकृति ने मुझे दूसरी जिंदगी दी है। अब मैं अपना जीवन प्राकृतिक कृषि और पौधरोपण को लेकर जागरूकता फैलाने के लिए समर्पित करना चाहता हूं। हमने सरकार को पत्र लिखकर मच्छू डैम के किनारे स्थित सरकारी जमीन आवंटित करने की मांग की है, ताकि वहां भी इस प्रकार का पौधरोपण अभियान चलाया जा सके।

Published on:
25 May 2026 10:00 pm
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