
पालनपुर. खाद्य एवं औषध नियमन प्रशासन की टीम ने डीसा में संदिग्ध लूज घी के उत्पादन और बिक्री को लेकर कार्रवाई की। छापेमारी के तहत जांच के दौरान 434 किलोग्राम संदिग्ध घी जब्त किया गया। इसकी कीमत करीब 2.49 लाख रुपए बताई गई है।
प्राधिकृत अधिकारी टी.एच. पटेल के मार्गदर्शन में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी एच.वी. गुर्जर तथा खाद्य सुरक्षा अधिकारी एम.एल. गुर्जर और के.के. चौधरी ने डीसा के देवीपूजक वास स्थित मावजत फूड प्रोडक्ट्स की जांच की। जांच के दौरान प्रतिष्ठान में संदिग्ध घी का उत्पादन और बिक्री किए जाने की जानकारी सामने आई।
अधिकारियों ने लूज घी के नमूने लेकर गुणवत्ता जांच के लिए सरकारी फूड लैबोरेटरी में भेजने की प्रक्रिया शुरू की। वहीं, नमूने लेने के बाद प्रतिष्ठान में मौजूद 434 किलोग्राम लूज घी को जब्त कर सीज कर दिया गया।
जांच के दौरान प्रतिष्ठान के मालिक प्रकाशकुमार मोदी द्वारा संदिग्ध घी का उत्पादन एवं बिक्री किए जाने की बात सामने आने पर उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई। अधिकारियों के मुताबिक, सरकारी फूड लैबोरेटरी से घी के नमूनों की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
राजकोट. शहर में मवड़ी और सामाकांठा क्षेत्र की दो दुकानों में मक्का के आटे से बनाई गई और फराली के नाम पर बेची जा रही पेटीज तथा मक्का के आटे सहित कुल 179 किलो सामग्री नष्ट की गई। साथ ही नोटिस जारी कर जुर्माना भी वसूला गया।
मनपा सूत्रों के अनुसार, शहर के मवड़ी क्षेत्र के ओमनगर स्थित जय सियाराम फरसाण में जांच के दौरान मक्का आटे से बनाई गई 80 किलो फराली पेटीज तथा फराली के रूप में इस्तेमाल होने वाला 15 किलो मकका का आटा मिला। इस पूरे जत्थे को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया और 3 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया।
इसके अलावा सामाकांठा क्षेत्र में खोडियारपरा स्थित जलाराम फरसाण में जांच के दौरान भी मक्का के आटे से फराली पेटीज बनाकर बेचने का मामला सामने आया। यहां 19 किलो मकका के आटे से बनी पेटीज और 65 किलो मक्का का आटा नष्ट किया गया। दुकान को नोटिस जारी करने के साथ फराली चिवड़ा का सैंपल भी लिया गया।