Ahmedabad : शहर में तेजी से बढ़ती आबादी, क्षेत्र और भविष्य की पेयजल जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सरदार सरोवर नर्मदा निगम लिमिटेड (एसएसएनएनएल) ने 467 मिलियन लीटर प्रतिदिन (एमएलडी) अतिरिक्त पानी आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। यह पानी शहर के रिंग रोड से सटे इलाकों में पहुंचाया जाएगा। पानी नर्मदा […]
Ahmedabad : शहर में तेजी से बढ़ती आबादी, क्षेत्र और भविष्य की पेयजल जरूरतों को ध्यान में रखते हुए सरदार सरोवर नर्मदा निगम लिमिटेड (एसएसएनएनएल) ने 467 मिलियन लीटर प्रतिदिन (एमएलडी) अतिरिक्त पानी आवंटित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। यह पानी शहर के रिंग रोड से सटे इलाकों में पहुंचाया जाएगा।
पानी नर्मदा की मुख्य नहर से सीधे उपलब्ध कराया जाएगा और जासपुर वाटर ट्रीटमेंट स्टेशन पर शुद्ध कर शहर के पश्चिमी हिस्सों में सप्लाई किया जाएगा।फिलहाल अहमदाबाद के उत्तर-पश्चिम, दक्षिण-पश्चिम और पश्चिमी ज़ोन के चांदखेड़ा, मोटेरा, साबरमती, राणिप, बलोलनगर और निर्णयनगर इलाकों में धोलका शाखा नहर से पानी लिया जाता है। जासपुर वाटर ट्रीटमेंट स्टेशन इस समय रोजाना औसतन 400 एमएलडी पानी शुद्ध कर इन क्षेत्रों को सप्लाई करता है। अब वैष्णोदेवी सर्कल एसजी हाइवे कॉरिडोर और सरदार पटेल रिंग रोड पर तेजी से हो रहे शहरी विस्तार के कारण पानी की मांग लगातार बढ़ रही है।
इसी को देखते हुए अहमदाबाद महानगरपालिका (मनपा) ने जासपुर में 200 एमएलडी क्षमता का नया प्लांट बनाने का काम शुरू किया है, जिससे कुल क्षमता 600 एमएलडी हो जाएगी। इसके अलावा 250 एमएलडी क्षमता का एक और नया प्लांट बनाने की योजना है, जिसके लिए कलोल तहसील के जासपुर गांव में सरकारी जमीन आवंटित की गई है। जिससे कुल क्षमता 850 एमएलडी हो जाएगी।मनपा का कहना है कि धोलका शाखा नहर में मरम्मत कार्य के चलते कई बार पानी का स्तर घट जाता है, जिससे जासपुर प्लांट में राॅ वाटर की कमी हो जाती है। इस समस्या को दूर करने के लिए एसएसएनएनएल ने नर्मदा मुख्य नहर से सीधे पानी देने का निर्णय लिया है।
मनपा के अनुसार वर्तमान में अहमदाबाद की आबादी लगभग 84 लाख है, जो वर्ष 2040 तक बढ़कर 1.40 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। ऐसे में इस अतिरिक्त 467 एमएलडी पानी से पश्चिमी अहमदाबाद के इलाकों की लाखों आबादी को पर्याप्त पेयजल प्रदान करने में मदद मिलेगी।