अहमदाबाद

देश में डेढ़ लाख को कॉर्निया की जरूरत, दान मिलते हैं सिर्फ 50 हजार

भारत में हर साल कॉर्निया ट्रांसप्लांट की जरूरत बढ़ रही है। जरूरत पूरी हो इसके चक्षुदान पखवाड़े के कार्यक्रम में जागरूकता पर बल दिया गया।
2 min read
eye hospital ahmedabad
कॉर्निया प्रत्यारोपण कराने वाली बालिका को दुलारते स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रफुल पानशेरिया।

ahmedabad: देश में हर साल करीब डेढ़ लाख लोगों को कॉर्निया ट्रांसप्लांट की जरूरत होती है, जबकि इसके मुकाबले करीब 50 हजार कॉर्निया ही दान में मिल पाते हैं। इनमें से भी करीब 25 से 30 हजार मरीजों को ही सफल शल्यक्रिया के जरिए नई दृष्टि मिल पाती है। ऐसे में नेत्रदान को लेकर अधिक से अधिक लोगों में जागरूकता बढ़ाना जरूरी है। यह बात स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रफुल पानशेरिया ने अहमदाबाद सिविल मेडिसिटी स्थित एम एंड जे इंस्टीट्यूट ऑफ ऑप्थैल्मोलॉजी में आयोजित 41वें राष्ट्रीय चक्षुदान पखवाड़े के कार्यक्रम में कही। इस मौके पर बड़ी संख्या में चिकित्सक और अन्य चिकित्साकर्मी मौजूद रहे।

पानशेरिया ने कहा कि नेत्रदान मानवता की सेवा से जुड़ा अनूठा दान है। मृत्यु के बाद तीन से छह घंटे के भीतर आंखों से कॉर्निया प्राप्त किया जा सकता है। इसका प्रत्यारोपण कर किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन में फिर से रोशनी लाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति का नेत्रदान किसी अन्य व्यक्ति के लिए नई जिंदगी और दुनिया देखने का अवसर बन सकता है।

उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय चक्षुदान पखवाड़ा 25 अगस्त से 8 सितंबर तक मनाया जा रहा है। इसका उद्देश्य लोगों को नेत्रदान के लिए प्रेरित करने के साथ आंखों से जुड़े रोगों और उनके समय पर उपचार के प्रति जागरूक करना है। आधुनिक तकनीक और चिकित्सा सुविधाओं के कारण आज आंखों के रोगों का समय पर निदान और उपचार संभव हुआ है। मोतियाबिंद जैसे सामान्य नेत्र रोगों का भी आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों से सफल उपचार किया जा रहा है।

राज्य मंत्री ने कहा कि नेत्रदान को लेकर समाज में अभी भी जागरूकता की आवश्यकता है। मृत्यु के बाद आंखें किसी के काम नहीं आतीं, लेकिन नेत्रदान के जरिए इन्हीं आंखों का कॉर्निया किसी जरूरतमंद को दृष्टि प्रदान कर सकता है। इसलिए समाज के सभी वर्गों को नेत्रदान के लिए आगे आना चाहिए। इसके लिए व्यापक स्तर पर जनजागृति अभियान चलाने की भी आवश्यकता है।

कार्यक्रम के दौरान नेत्र स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सकों और अस्पताल के कर्मचारियों को प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर नेत्रदान के महत्व और कॉर्निया प्रत्यारोपण से जुड़ी जानकारी भी लोगों को दी गई। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों से नेत्रदान का संकल्प लेने और अपने आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आह्वान किया गया।

Updated on:
26 Aug 2026 10:53 pm
Published on:
26 Aug 2026 10:53 pm