जीवनदान की मिसाल
Ahmedabad: उत्तरायण की तैयारियों के बीच सिविल अस्पताल में दो दाताओं की ओर से 10 अंगों का महादान मिला है। अन्य राज्य से उपचार के लिए लाई गई 22 वर्षीय ब्रेनडेड मुस्लिम युवती ने अपने अंगदान से सात ज़रूरतमंदों को नई उम्मीद दी। युवती के परिवार ने डॉक्टरों की समझाइश के बाद हृदय, लीवर, दो किडनी, दो आंखें और एक त्वचा दान करने की सहमति दी। यह मुस्लिम समाज से हुआ आठवां अंगदान है।सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राकेश जोशी ने बताया कि अन्य राज्य से उपचार के लिए लाई गई 22 वर्षीय युवती को रविवार को ब्रेन डेड घोषित किया गया था। चिकित्सा टीम के समझाने पर उसके परिजनों ने परोपकार की भावना से अंगदान की सहमति दी। अंगदान से प्राप्त हृदय का प्रत्यारोपण यू एन मेहता अस्पताल में किया, जबकि दो किडनी और एक लीवर का प्रत्यारोपण सिविल कैंपस की किडनी अस्पताल में किया गया। दान की गई त्वचा को स्किन बैंक में सुरक्षित कर दाहग्रस्त मरीजों की सेवा में लगाया जाएगा और आंखों का उपयोग एम एंड जे नेत्र अस्पताल में किया जाएगा। इसी दिन यू एन मेहता अस्पताल में भर्ती दिनेश गलाठिया (64) के निधन के बाद उनके परिजनों ने भी निर्णय लेते हुए त्वचा और आंखों का दान किया। इस तरह एक ही दिन में दो दाताओं से कुल 10 अंग और ऊतक प्राप्त हुए।
चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जोशी ने बताया कि अब तक अस्पताल में 225 दाताओं से 746 अंग प्राप्त हुए हैं। इनमें 199 लीवर, 414 किडनी, 73 हृदय, 18 पंंक्रियाज, 34 फेफड़े, 2 छोटी आंत, 6 हाथ शामिल हैं। इसके अलावा 168 आंखें और 32 त्वचा सहित कुल 200 ऊतक भी दान किए गए हैं। इन अंगों और ऊतकों से अब तक 724 मरीजों को नया जीवन मिला है।