अहमदाबाद

Ahmedabad: आईआईएम-ए: पीजीपीएक्स कोर्स में बढ़ी आधी आबादी, रेकॉर्ड संख्या

-अब तक की सबसे ज्यादा 30 फीसदी महिलाओं को प्रवेश -20वें बैच में 158 ने पाया प्रवेश, 110 पुरुष, 48 महिलाएं
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IIMA

Ahmedabad. भारतीय प्रबंध संस्थान-अहमदाबाद (आईआईएम-ए) के एक वर्षीय एमबीए कोर्स-पोस्ट ग्रेजुएट प्रोग्राम इन मैनेजमेंट फॉर एक्जीक्यूटिव (पीजीपीएक्स) के वर्ष 2025-26 के 20वें बैच में महिलाओं (आधी आबादी) की संख्या बढ़ी है। 158 विद्यार्थियों के इस बैच में 110 पुरुष और 48 महिलाएं (30.38 फीसदी) हैं। इस कोर्स में महिलाओं की संख्या अब तक की सबसे ज्यादा है।बीते वर्ष 2024-25 (19वें बैच) में 26 फीसदी महिलाओं ने प्रवेश पाया था। उसकी तुलना में इस वर्ष संख्या 4 फीसदी बढ़ी। 18 वें बैच (2023-24) में 23 फीसदी महिलाओं ने प्रवेश पाया था। यह दर्शाता है तीन सालों से लगातार महिलाओं की संख्या बढ़ रही है।

आईआईएम-ए में गुरुवार से इस बैच के विद्यार्थियों का तीन दिन ओरिएंटेशन प्रोग्राम शुरू हुआ। बैच के विद्यार्थियों का औसत कार्य अनुभव 7.9 वर्ष है। 36.43 फीसदी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कार्य करने और पढ़ाई का अनुभव है। औसत आयु 31 साल और एक महीना है।

इस बैच में विज्ञापन, मीडिया, एयरो स्पेस एवं एविएशन, कृषि, बैंकिंग, वित्तीय सेवा एवं बीमा, कंसल्टिंग, डिफेंस एवं सिक्योरिटी, एनर्जी एवं यूटिलिटी, एफएमसीजी, फूड एवं फूड प्रोसेसिंग, इन्फ्रास्ट्रक्चर एवं कंस्ट्रक्शन, आईटी एवं आईटीईएस, आईटी प्रोडक्ट, लीगल सर्विस, हेल्थकेयर क्षेत्र में काम करने वालों ने प्रवेश पाया है।

मैन्युफेक्चरिंग, इंजीनियरिंग क्षेत्र के सर्वाधिक विद्यार्थी

प्रवेश पाने वालों में मैन्युफेक्चरिंग, इंजीनियरिंग क्षेत्र के सबसे ज्यादा 25 विद्यार्थी है। एनर्जी एवं यूटिलिटी क्षेत्र के 18, कंसल्टिंग के 14, आईटी प्रोडक्ट के 12, रिटेल, ई कॉमर्स के 11, इन्फ्रास्ट्रक्चर एवं कंस्ट्रक्शन के 9, बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विस एवं इंश्योरेंस के नौ, आईटी एवं आईटीईएस के 9 विद्यार्थी हैं।

भावी जरूरतों के अनुरूप तैयार किया कोर्स: भास्कर

आईआईएम-ए के निदेशक प्रो.भरत भास्कर ने संस्थान पहुंचे विद्यार्थियों के ओरिएंटेशन प्रोग्राम को संबोधित करते हुए कहा कि अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), डेटा एनालिटिक्स, रोबोटिक्स जैसी तकनीक निर्णय में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। ऐसे में संस्थान ने इन सभी बदलावों को समाहित करते हुए कोर्स को डिजाइन किया है, ताकि विद्यार्थियों को भावी जरूरत के अनुरूप तैयार किया जा सके।

Updated on:
17 Apr 2025 09:49 pm
Published on:
17 Apr 2025 09:49 pm