अहमदाबाद

Gujarat: वाइब्रेंट नवरात्रि फेस्टिवल में प्रवेश को इस साल लगेगी टिकट, ऑनलाइन बिक्री शुरू

कांग्रेस ने राज्य सरकार पर साधा निशाना, आस्था, सांस्कृतिक उत्सव के व्यापारीकरण का आरोप, 100 रुपए से लेकर 3000 रुपए तक की टिकट - उपमुख्यमंत्री बोले कांग्रेस को नहीं है पूरी जानकारी, पत्र के जरिए कराएंगे अवगत, अहमदाबाद के गुजरात यूनिवर्सिटी मैदान में हर साल होने वाले नवरात्रि महोत्सव में इस बार टिकट सिस्टम लागू करने पर कांग्रेस ने उठाया है सवाल
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Navratri Festival
नवरात्र उत्सव का फाइल फोटो।

Ahmedabad. गुजरात सरकार की ओर से शहर के गुजरात यूनिवर्सिटी मैदान पर हर साल होने वाले सरकारी वाइब्रेंट नवरात्रि महोत्सव में प्रवेश के लिए इस साल लोगों को टिकट खरीदनी पड़ सकती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर इसके टिकट की ऑनलाइन बिक्री शुरू हो गई है। गुजरात कांग्रेस ने सरकारी गरबा उत्सव में प्रवेश के लिए टिकट लागू करने पर सवाल उठाए हैं।

गुजरात प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता डॉ.पार्थिवराज सिंह कठवाडि़या ने कहा कि अब तक वाइब्रेंट नवरात्रि महोत्सव में लोगों को मुफ्त में प्रवेश दिया जाता था। गुजरात यूनिवर्सिटी के मैदान पर हर साल सरकार की ओर से ही नवरात्रि महोत्सव का आयोजन होता है। यहां बड़ी संख्या में गरीब एवं मध्यम वर्ग के लोग माता की आस्था और आराधना के तहत सांस्कृतिक गरबा खेलने पहुंचते हैं। लेकिन इस साल सरकार प्रवेश के लिए टिकट बेच रही है।

उन्होंने कहा कि बुक माय शो प्लेटफार्म पर वाइब्रेंट नवरात्रि महोत्सव के टिकट (पास) बिकने शुरू हो गए हैं। 100 रुपए से लेकर 3000 रुपए तक का एक टिकट अलग-अलग श्रेणी में बेचा जा रहा है। इस प्रकार की गतिविधि अहमदाबाद सहित राज्यभर में अमूमन पार्टी प्लॉट, फार्म हाऊस और क्लबों में होने वाले कॉमिर्शयल गरबों में देखने को मिलती है, जहां प्रवेश के लिए टिकट खरीदनी पड़ती है। यह तो सरकार की ओर से होने वाला आयोजन है, जिसमें राज्य सरकार लोगों की ओर से दिए जाने वाले टैक्स के पैसों से ही इसका आयोजन करती है, लेकिन सरकार अब वाइब्रेंट नवरात्रि महोत्सव का भी व्यापारीकरण कर रही है।बढ़ती महंगाई के बीच दोहरी मार, टिकट बंद करे सरकार

डॉ.कठवाडि़या ने कहा कि पहले से ही लोग सीएनजी, पेट्रोल, डीजल और अन्य वस्तुओं की बढ़ती कीमत व महंगाई से परेशान है। ऐसे में इस प्रकार से अब सरकारी वाइब्रेंट गरबा महोत्सव के लिए भी पास बेचे जाएंगे तो गुजरात के लोगों पर दोहरी मार पड़ेगी। हमारी मांग है कि इस महोत्सव पर लागू की गई टिकट व्यवस्था को तत्काल प्रभाव को रद्द किया जाए। सभी को मुफ्त में प्रवेश दिया जाए।

वाइब्रेंट नवरात्रि महोत्सव में पास नहीं टोकन सिस्टम: संघवी

गुजरात सरकार की ओर से गुजरात यूनिवर्सिटी के मैदान पर हर साल नवरात्रि में होने वाले वाइब्रेंट गुजरात महोत्सव में इस साल टिकट (पास) व्यवस्था लागू करने के निर्णय पर कांग्रेस की ओर से सवाल उठाने के बाद सरकार का भी बयान सामने आया है। जहां कांग्रेस ने इसको लेकर मां की आराधना, भक्ति, गरबे की संस्कृति के व्यापारीकरण का राज्य सरकार पर आरोप लगाया है वहीं उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि यह पास नहीं बल्कि टोकन सिस्टम है। इसके लिए प्रति टोकन 100 रुपए शुल्क रखा गया हैं। यह सामान्य रूप से फ्री पास ही हैं।

उन्होंने कहा कि नवरात्रि महोत्सव के सरकारी पास को किसी डिपार्टमेंट में से लेने जाना पड़ता था। ऐसा नहीं करना पड़े उसके लिए यह किया है। अब सीधे ऑनलाइन पास बुक करा सकते हैं। इसके लिए न के बराबर राशि रखी गई है। इससे ज्यादा से ज्यादा लोग और सामान्य नागरिक गरबा में भाग ले सकेंगे।

पर्यटन विभाग ने की और भी अच्छी पहल

संघवी ने कहा कि पर्यटन विभाग ने और भी खूब अच्छे प्रयास किए हैं। गुजरात के मनपा के आसपास के गांव के लोगों पास दिए जा रहे हैं। दिव्यांग बच्चों को मुफ्त में लाने और ले जाने की व्यवस्था की गई है। मुझे लगता है कि कांग्रेस के लोगों ने इस पूरी जानकारी को अच्छे से पढ़ा नहीं है। मैं पूरी जानकारी उन्हें पत्र के जरिए भेजूंगा। उसके बावजूद भी उन्हें अगर कोई चूक लगती है तो हम उस पर भी चर्चा के लिए तैयार हैं।

Updated on:
27 Sept 2026 10:40 pm
Published on:
27 Sept 2026 10:39 pm