
Ahmedabad. व्हॉट्सएप पर आए वीडियो कॉल को उठाना शहर के नवा वाडज निवासी 26 वर्षीय जूनियर अकाउंटेंट को महंगा पड़ गया। साइबर ठगों ने फर्जी पुलिस अधिकारी और यूट्यूब अधिकारी बनकर अकाउंटेंट को गिरफ्तार करने और 7 साल से अधिक की जेल की सजा का डर बताते हुए अलग-अलग बैंक खातों में 49,78,650 रुपए ट्रांसफर करवा लिए। पीडि़त ने इस संबंध में अहमदाबाद शहर के साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में अज्ञात लोगों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई है।
एफआइआर के अनुसार यह घटना 3 सितंबर की रात लगभग 8 बजे हुई। अकाउंटेंट घर पर था। इसी समय उसके व्हाट्सएप पर एक अज्ञात वीडियो कॉल आया। कॉल रिसीव करते ही स्क्रीन पर एक महिला आपत्तिजनक अवस्था में दिखाई दी। अकाउंटेंट ने कॉल को तत्काल काट दिया, उस नंबर को भी ब्लॉक कर दिया। लेकिन शातिर ठगों ने थोड़ी देर बाद अन्य व्हाट्सएप नंबर से ऑडियो कॉल, फिर फोन कर दावा किया कि उसने वीडियो कॉल की स्क्रीन रिकॉर्डिंग कर ली है। उसे वायरल करने की धमकी देते हुए पैसे मांगने शुरू कर दिए।
आरोपियों ने अकाउंटेंट युवक को फोन कर खुद की पहचान दिल्ली साइबर क्राइम के पुलिस अधिकारी 'संजय अरोरा' के रूप में दी। उसने धमकाते हुए कहा कि तुम्हारा आपत्तिजनक वीडियो कॉलिंग वाला वीडियो हमें मिला है। इसकी शिकायत दर्ज हो चुकी है। इस अपराध में 7 साल से अधिक की सजा का प्रावधान है। अहमदाबाद साइबर क्राइम को कॉल करके गिरफ्तार कराएंगे। फिर यूट्यूब अधिकारी को नंबर देने की बात कहकर उसके बताए अनुसार प्रक्रिया करने को कहा। हाल ही में एक 'हेमंत मल्होत्रा' नाम के व्यक्ति ने यूट्यूब अधिकारी बनकर संपर्क किया और वीडियो 'डीलीटिंग चार्ज' के नाम पर 71,250 रुपए ले लिए। उसके बाद अलग-अलग बहाने से 49 लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए। पीडि़त ने यह राशि वह जिस कंपनी में काम करता था और जिन अकाउंट को मैनेज करता था, उनसे ट्रांसफर की थी। साइबर क्राइम ब्रांच की टीम मामले की जांच में जुटी है।