
ahmedabad news: शहरवासियों को जल्द ही वाडज ओवरब्रिज की सौगात मिलने वाली है। वाडज ओवरब्रिज का अधिकांश निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। अब पुल के मध्य स्पैन का लोड टेस्ट किया जाएगा। इसके बाद मौसम अनुकूल रहने पर डामरीकरण का कार्य पूरा कर पुल को यातायात के लिए खोल दिया जाएगा।
अहमदाबाद महानगरपालिका (मनपा) की गुरुवार को हुई स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में चर्चा के बाद अध्यक्ष कमलेश पटेल ने यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि बारिश के कारण फिलहाल डामरीकरण का कार्य नहीं किया जा सकता। तकनीकी परीक्षण और अंतिम प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद पुल आमजन के लिए खोल दिया जाएगा। इससे वाडज और आसपास के क्षेत्रों में लंबे समय से बनी यातायात समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।
स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में नागरिक सुविधाओं को आधुनिक बनाने के प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई। मनपा की हेल्पलाइन 155303 को अधिक प्रभावी बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) आधारित प्रणाली का परीक्षण शुरू कर दिया गया है। कई बार नागरिकों को शिकायत दर्ज कराने या जानकारी लेने के दौरान संतोषजनक जवाब नहीं मिल पाता था। इसे देखते हुए एआइ आधारित रिस्पॉन्स सिस्टम का डेमो शुरू किया गया है। परीक्षण सफल रहने पर इसे जल्द लागू किया जाएगा, जिससे नागरिकों को शिकायतों और जानकारी संबंधी प्रश्नों का त्वरित एवं सटीक जवाब मिल सकेगा
शहर की ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत को नया स्वरूप देने के लिए मनपा ने 155 करोड़ रुपए की टेंपल सर्किट डेवलपमेंट परियोजना तैयार की गई है। पटेल ने बताया कि परियोजना के पहले चरण में करीब 15 करोड़ रुपए की लागत से वसंत चौक से अटल घाट तक स्थित 35 प्राचीन मंदिरों तथा टेंपल प्लाजा का जीर्णोद्धार और विकास किया जाएगा। जर्जर हो चुके इन मंदिरों का संरक्षण कर उन्हें नए स्वरूप में विकसित किया जाएगा। परियोजना का उद्देश्य अहमदाबाद की ऐतिहासिक धरोहर को सहेजने के साथ धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देना और नई पीढ़ी को शहर की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है।
बैठक में मनपा की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। विभिन्न एजेंसियों के माध्यम से कार्यरत 2968 सुरक्षा गार्डों में से लगभग 70 से 80 प्रतिशत का पुलिस सत्यापन पूरा हो चुका है। शेष गार्डों का सत्यापन भी जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सुरक्षा एजेंसियों से कहा गया है कि किसी भी गार्ड की नियुक्ति से पहले उसकी पहचान और पृष्ठभूमि की पूरी जांच सुनिश्चित करें। ड्यूटी में किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित एजेंसी को भी जिम्मेदार माना जाएगा।