बैठक के दौरान एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट, मिसिंग सेल और वुमन सेल की कार्यप्रणाली का विस्तार से मूल्यांकन किया गया। डीजीपी राव ने विभिन्न केसों की जांच, फॉलो-अप व्यवस्था और अलग-अलग यूनिट्स के बीच समन्वय की गहन समीक्षा की। उन्होंने अपराधों की जांच में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर देने को कहा। विशेष रूप से गुमशुदा व्यक्तियों, मानव तस्करी और महिलाओं के खिलाफ अपराधों के मामलों में जिला पुलिस इकाइयों और अन्य संबंधित एजेंसियों से मजबूत समन्वय बनाए रखने की आवश्यकता बताई गई। राव ने पीड़ितलक्षी पुलिसिंग की नीति अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने पेशेवर और गुणवत्तापूर्ण जांच, केसों का समय पर निपटारा, सतत निगरानी और पीड़ितों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कही।