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शराब पिलाकर मासूमों को चुराने वाले दंपती समेत 5 को 14-14 साल का कठोर कारावास

मुरार मछली मंडी में महिला को बेहोश कर की थी वारदात, अवैध व्यापार में शामिल खरीदार और बिचौलिए भी दोषी करार, 5-5 हजार का जुर्माना
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High court news: किराएदार की अपील खारिज (Photo Source - Patrika)

High court news: किराएदार की अपील खारिज (Photo Source - Patrika)

ग्वालियर. नाबालिग बच्चों के अपहरण और उनकी तस्करी के मामले में द्वादशम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रदीप कुमार दुबे की अदालत ने पांच आरोपियों को दोषी ठहराते हुए कड़ी सजा सुनाई है। अदालत ने पूजा उर्फ सीतू शर्मा, दीपक वाल्मीकि और शालू किन्नर को भारतीय न्याय संहिता की धारा 143(5) सहपठित धारा 3(5) के तहत 14-14 वर्ष के कठोर कारावास और 5-5 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड अदा नहीं करने पर प्रत्येक को एक-एक वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।
अदालत ने अपराध की प्रकृति और परिस्थितियों को गंभीर मानते हुए कहा कि 15 दिन की अबोध बच्ची और तीन साल के बच्चे के दुव्र्यापार एवं बिक्री जैसे अपराध में ऐसा दंड आवश्यक है, जिससे भविष्य में इस प्रकार के अपराध की पुनरावृत्ति न हो और समाज में सकारात्मक संदेश जाए।मामला मुरार थाना क्षेत्र का है। पीडि़ता (फरियादी) ने 19 अगस्त 2024 को अपने 3 साल के बेटे और 15 दिन की नवजात बेटी के साथ बाजार गई थी। मुरार स्थित नदी पार टाल मछली मंडी के पास उसकी मुलाकात सत्यनारायण उर्फ संजय जाटव और उसकी पत्नी नीलम गोस्वामी से हुई। दोनों ने पीडि़ता से जान-पहचान बनाई, उसे मछली खिलाई और शराब पिला दी। शराब के असर से जब फरियादी बेहोश हो गई, तो आरोपी दंपती उसकी गोद से दोनों मासूम बच्चों को चोरी कर फरार हो गए।
पुलिस विवेचना और प्रस्तुत सबूतों से खुलासा हुआ कि बच्चों को चुराने के बाद सत्यनारायण और नीलम ने उनका सौदा कर दिया। 15 दिन की मासूम बेटी को डीडी नगर निवासी पूजा उर्फ सीतू शर्मा और उसके साथी दीपक बाल्मीक को बेच दिया गया। वहीं, 3 साल के मासूम रॉयल को श्योपुर जिले के कराहल में रहने वाली शालू किन्नर को बेच दिया गया। कोर्ट ने सत्यनारायण उर्फ संजय जाटव, नीलम गोस्वामी, पूजा उर्फ सीतू शर्मा, दीपक बाल्मीक, शालू किन्नर को सजा सुनाई है।


साइबर सेल और फोन पे से मिली लोकेशन, बरामद हुए बच्चे


थाना मुरार पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए साइबर सेल की मदद से संदेही सत्यनारायण का मोबाइल ट्रेस किया। फोन पे के ट्रांजेक्शन आईडी और लोकेशन के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंची। पुलिस ने ङ्क्षभड के मकैटा से बच्ची खुशी को सीतू और दीपक के कब्जे से सकुशल बरामद किया और श्योपुर के कराहल से मासूम रॉयल को शालू किन्नर से बरामद किया।