अहमदाबाद

Ahmedabad : सोला एसटीपी हादसे में मृतकों के परिवारों को 30-30 लाख की सहायता

शहर के सोला एसटीपी प्लांट में हुए हादसे में जान गंवाने वाले दोनों श्रमिकों के परिवारों को ठेकेदार की ओर से 30-30 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके अलावा दोनों परिवारों के छोटे बच्चों की शिक्षा की पूरी जिम्मेदारी भी ठेकेदार उठाएगा।
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Updated: 5 Nov 2026, 10:25 PM IST
AMC News
फाइल फोटो।

Ahmedabad: शहर के सोला एसटीपी प्लांट में हुए हादसे में जान गंवाने वाले दोनों श्रमिकों के परिवारों को ठेकेदार की ओर से 30-30 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके अलावा दोनों परिवारों के छोटे बच्चों की शिक्षा की पूरी जिम्मेदारी भी ठेकेदार उठाएगा।

अहमदाबाद महानगरपालिका की स्टैंडिंग कमेटी के अध्यक्ष कमलेश पटेल ने इस संबंध में कहा कि हादसे में जिम्मेदारी तय करने के लिए पुलिस जांच जारी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि काम पूरा होने तक उसकी जिम्मेदारी ठेकेदार की रहती है। हालांकि, कार्यस्थल पर सुरक्षा उपकरण उपलब्ध थे या नहीं और श्रमिकों ने उनका उचित इस्तेमाल किया था या नहीं, यह पुलिस जांच में स्पष्ट होगा। दूसरी ओर मनपा ने संबंधित ठेकेदार को 50 लाख रुपए का जुर्माना भरने के लिए नोटिस भी जारी किया है। हादसे की जिम्मेदारी और सुरक्षा में लापरवाही से जुड़े पहलुओं की जांच के बाद आगे की कार्रवाई होगी।

दिवाली पर आग, हादसों से निपटने फायर ब्रिगेड-अस्पताल अलर्ट मोड पर

दिवाली के दौरान आगजनी और अन्य अनहोनी घटनाओं की आशंका को देखते हुए महानगरपालिका ने फायर ब्रिगेड और मनपा संचालित अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रखने का फैसला किया है। स्टैंडिंग कमेटी की बैठक में इस संबंध में जरूरी निर्देश दिए गए। त्योहार के दौरान पटाखों और अन्य कारणों से आग लगने की घटनाओं की आशंका को ध्यान में रखकर फायर ब्रिगेड के सभी कर्मचारियों को स्टैंडबाय रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की जा सके। इसके साथ ही किसी अनहोनी या दुर्घटना में नागरिकों को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मनपा अस्पतालों के स्टाफ को भी तैयार रहने को कहा गया है।

दिवाली में रात को होगी पटाखों के कचरे की सफाई

अहमदाबाद. दिवाली के दौरान शहर की सड़कों पर आतिशबाजी से जमा होने वाले कचरे को अब रात में ही साफ किया जाएगा। अहमदाबाद महानगरपालिका की स्टैंडिंग कमेटी में यह निर्णय लिया। इसमें कहा गया है कि दिवाली पर बड़ी संख्या में लोग सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर आतिशबाजी करते हैं। इससे रात में सड़कों पर पटाखों के अवशेष और कचरा जमा हो जाता है। ऐसे में सफाई व्यवस्था को इस तरह तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं कि रात के समय ही कचरा एकत्रित कर हटाया जा सके। इसका उद्देश्य अगले दिन सुबह सड़कों को साफ रखना और नागरिकों को आवागमन में परेशानी से बचाना है।

Updated on:
5 Nov 2026, 10:25 PM IST
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