
अहमदाबाद. पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) वेद प्रकाश ने रविवार को अहमदाबाद रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास कार्यों के तहत निर्माणाधीन दक्षिण एलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विशेष रूप से सारंगपुर रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) से प्रस्तावित कनेक्टिविटी के लिए चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया तथा अधिकारियों एवं संबंधित एजेंसी को गुणवत्ता के साथ समयबद्ध तरीके से कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि दक्षिण एलिवेटेड रोड के तहत पियर संख्या 42 से 51 तक कुल 10 पोर्टल पियर पर कार्य किया जा रहा है। इनमें पियर संख्या 42, 43, 47, 48, 49, 50 एवं 51 के दाहिने हिस्से (राइट लेग) का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। वर्तमान में पियर संख्या 44 के दाहिने हिस्से के लिए गहरी नींव (पाइलिंग) का कार्य प्रगति पर है।
इसी प्रकार, दक्षिण ड्रॉप-ऑफ क्षेत्र में प्रस्तावित कुल 17 पियरों में से 4 पियरों का निर्माण पूर्ण हो चुका है तथा शेष कार्य निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार तेजी से आगे बढ़ रहा है।
डीआरएम वेद प्रकाश ने कहा कि अहमदाबाद स्टेशन पुनर्विकास प्रोजेक्ट के तहत दक्षिण एलिवेटेड रोड एवं सारंगपुर आरओबी की कनेक्टिविटी यात्रियों की आवाजाही को अधिक सुगम, सुरक्षित एवं सुविधाजनक बनाएगी। उन्होंने प्रोजेक्ट से जुड़े अधिकारियों को निर्माण कार्य में उच्च गुणवत्ता, सुरक्षा मानकों तथा निर्धारित समय-सीमा का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
अहमदाबाद. पर्यावरण संरक्षण एवं हरित विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद मंडल द्वारा साणंद में रेलवे की उपलब्ध भूमि पर प्रथम चरण में 2 लाख पौधे रोपे गए।
अहमदाबाद के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) वेद प्रकाश ने बताया कि गुजरात सरकार के राज्यव्यापी मेगा पौधरोपण अभियान में वन एवं पर्यावरण विभाग के सहयोग से 'वन कवच योजना' के तहत अहमदाबाद मंडल की 10 विभिन्न रेलवे लोकेशनों पर 8 लाख से अधिक पौधे रोपने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
अभियान के तहत साणंद में 1.20 लाख वर्ग मीटर रेलवे भूमि पर कुल 4 लाख पौधे लगाए जाने की योजना बनाई गई है। प्रथम चरण में 2 लाख से अधिक पौधे रोपे गए। इस अवसर पर डीआरएम एवं गुजरात वन विभाग के एसीएफ डॉ. मीनल जानी तथा रूचि दवे सहित अधिकारियों ने संयुक्त रूप से पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। शेष पौधों का रोपण आगामी चरणों में किया जाएगा।