
ahmedabad बारिश के मौसम में शहर में जलजनित और मच्छरजनित रोगों का प्रकोप बढ़ता दिखाई दे रहा है। अगस्त के शुरुआती 16 दिनों में जलजनित रोगों के 326 मरीज सामने आए हैं। इनमें उल्टी-दस्त के 192, टाइफाइड के 95 और पीलिया के 39 मरीज हैं। वहीं मच्छरजनित रोगों के 123 मरीज सामने आए, जिनमें डेंगू के 68 मरीज सबसे अधिक हैं। सादा मलेरिया के 48, फाल्सीफेरम मलेरिया के छह और चिकुनगुनिया का एक मरीज भी मिला है।
विभिन्न बीमारियों की आशंका के चलते अगस्त के 16 दिनों में शहर के अस्पतालों में 47,069 रक्त नमूनों की जांच की गई। वहीं एक जनवरी से 16 अगस्त तक 11.26 लाख रक्त नमूनों की जांच हो चुकी है। इसके अलावा इस अवधि में 3363 सीरम नमूनों की भी जांच की गई।
महानगरपालिका के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. भाविन सोलंकी के अनुसार प्रभावित इलाकों में जल गुणवत्ता की निगरानी भी बढ़ाई गई है। स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी और जांच बढ़ाई है।शहरवासियों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर जहां कीटनाशक का छिड़काव किया जा रहा है वहीं दूसरी ओर खाद्य वस्तुओं की दुकानों पर भी समय समय पर जांच की जा रही है और संदिग्ध मिलने नमूने लेकर जांच को भेजे जा रहे हैं। जांच में अनियमितता मिलने पर कार्रवाई भी की जा रही है।
महानगरपालिका के स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, एक जनवरी से 16 अगस्त तक जलजनित रोगों के कुल 5535 मरीज सामने आ चुके हैं। इनमें उल्टी-दस्त के 3748, टाइफाइड के 1296 और पीलिया के 491 मरीज शामिल हैं। इसी अवधि में मच्छरजनित रोगों के कुल 547 मरीज दर्ज किए गए। इनमें डेंगू के 295, सादा मलेरिया के 223, फाल्सीफेरम मलेरिया के 25 और चिकुनगुनिया के चार मरीज हैं।
बारिश के बाद मच्छर जनित रोगों का खतरा बढ़ने के बीच महानगरपालिका (मनपा) के स्वास्थ्य विभाग ने मच्छर नियंत्रण के लिए शहर में जांच अभियान तेज कर दिया है। सोमवार एवं मंगलवार को शहर के सातों जोन में व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, निर्माण स्थलों और अन्य इकाइयों की सघन जांच की गई। इस दौरान कुल 1320 इकाइयों की जांच हुई, जिनमें 244 जगह मच्छर प्रजनन मिला। लापरवाही बरते जाने पर 346 इकाइयों को नोटिस जारी किए गए, जबकि कार्रवाई के तहत कुल 9 लाख 76 हजार 800 रुपए प्रशासनिक शुल्क वसूला गया। एक इकाई को सील भी किया गया।
महानगरपालिका की टीम ने इंडिया कॉलोनी स्थित एक इकाई को मच्छर प्रजनन की स्थिति पाए जाने पर कार्रवाई करते हुए इसे सील कर दिया। स्वास्थ्य विभाग की वेक्टर बॉर्न डिजीज कंट्रोल शाखा की टीमों ने बारिश के बाद पानी जमा होने वाले स्थानों और मच्छरों के प्रजनन की संभावनाओं वाले क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी।
दो दिनों की कार्रवाई में शहर के पश्चिम जोन में सबसे अधिक 94 नोटिस जारी किए गए और 1.96 लाख रुपए प्रशासनिक शुल्क वसूला गया। उत्तर-पश्चिम जोन में 71, दक्षिण में 50, दक्षिण-पश्चिम में 42, उत्तर में 38, मध्य में 31 और पूर्व जोन में 20 नोटिस दिए गए। स्वास्थ्य विभाग ने बारिश के दौरान मच्छरजनित रोगों की रोकथाम के लिए जांच अभियान जारी रखने की बात कही है।