
ahmedabad शुद्ध घी के नाम पर बिक रहे अलग-अलग ब्रांड के पांच नमूनों के परिणाम की हकीकत लैब जांच में सामने आ गई। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर अहमदाबाद महानगरपालिका (मनपा) की कार्रवाई में घी के पांच ब्रांड के सैंपल निर्धारित गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे। मनपा के खाद्य विभाग ने माधुपुरा स्थित एच.पी. फूड्स से घी के सैंपल लिए थे।
प्रयोगशाला जांच में सभी पांच सैंपल सब-स्टैंडर्ड पाए गए। इसके बाद विभाग ने इन उत्पादों के वितरण और बिक्री से जुड़े ठिकानों की जांच की। जांच में गोपी श्री देसी काऊ घी, श्री अमृत प्योर काऊ घी, केटी कृष्णा प्रीमियम काऊ घी, खुशाली प्योर काऊ घी और प्रसंग देसी काऊ घी के सैंपल निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए।
लैब रिपोर्ट आने के बाद मनपा के खाद्य विभाग ने इन उत्पादों की सप्लाई चेन की जांच की। अधिकारियों ने अहमदाबाद में वटवा के पास प्लेटिनम इंडस्ट्रियल पार्क, कठवाड़ा स्थित श्री फूड प्रोडक्ट और घोड़ासर स्थित अरिहंत मार्केटिंग तक इन उत्पादों के वितरण की जानकारी जुटाई।
कार्रवाई के दौरान घोड़ासर स्थित अरिहंत मार्केटिंग का परिसर भी सील किया गया। एएमसी के अनुसार यहां एफएसएसएआइ लाइसेंस के बिना कारोबार किया जा रहा था। मनपा ने अपने क्षेत्र में इन घी उत्पादों की बिक्री रोकते हुए कुल 3,142 किलो स्टॉक को रोक दिया। इसकी अनुमानित कीमत करीब 12.93 लाख रुपए बताई गई है। खाद्य विभाग ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आठ अन्य सैंपल भी लिए हैं, जिन्हें जांच के लिए भेजा गया है।
जिन उत्पादों की निर्माण इकाइयां गुजरात के अन्य हिस्सों में स्थित हैं, उनकी जानकारी आगे की कार्रवाई के लिए राज्य सरकार को भेजी गई है। मनपा ने घी के निर्माताओं और वितरकों को बिक्री या वितरण के लिए उपलब्ध प्रत्येक बैच की लैब टेस्टिंग अथवा एनालिसिस रिपोर्ट रखने की सलाह दी है। वहीं कैटरर्स और बड़ी मात्रा में घी खरीदने वाले खाद्य कारोबारियों से भी प्रत्येक बैच की लैब रिपोर्ट, खरीदी गई मात्रा और बैच नंबर का रिकॉर्ड रखने को कहा गया है।
मनपा ने उपभोक्ताओं से खुले में बिकने वाले घी की खरीद में सावधानी बरतने की अपील की है। खाद्य विभाग ने कहा कि मिलावट, घटिया खाद्य सामग्री और खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन के खिलाफ जांच एवं कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।