जामनगर. भावनगर जिला मुख्यालय के मेडिकल कॉलेज रैगिंग मामले में 7 निलंबित डॉक्टर हॉस्टल फरार हो गए हैं। शनिवार को शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने 48 घंटे के भीतर जांच तेज कर दी है। जानकारी के अनुसार, नीलमबाग पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दो विशेष टीमें गठित कर तलाशी अभियान शुरू किया। शिकायतकर्ता द्वारा पुलिस को वीडियो फुटेज, मोबाइल स्क्रीनशॉट सहित अन्य महत्वपूर्ण सबूत भी सौंपे गए हैं।

जामनगर. भावनगर जिला मुख्यालय के मेडिकल कॉलेज रैगिंग मामले में 7 निलंबित डॉक्टर हॉस्टल फरार हो गए हैं। शनिवार को शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने 48 घंटे के भीतर जांच तेज कर दी है।
जानकारी के अनुसार, नीलमबाग पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दो विशेष टीमें गठित कर तलाशी अभियान शुरू किया। शिकायतकर्ता द्वारा पुलिस को वीडियो फुटेज, मोबाइल स्क्रीनशॉट सहित अन्य महत्वपूर्ण सबूत भी सौंपे गए हैं।
भावनगर मे सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं उससे संबद्ध सर टी. अस्पताल के ऑर्थोपेडिक विभाग में रैगिंग की शिकायत प्राप्त होने के बाद 14 जून को एंटी-रैगिंग स्क्वॉड ने जांच की। जांच में सामने आया कि 1 मार्च से 14 जून के बीच ट्रॉमा सेंटर में कार्यरत प्रथम वर्ष के 13 जूनियर डॉक्टरों को द्वितीय वर्ष के 7 रेजिडेंट डॉक्टरों द्वारा लगातार प्रताड़ित किया गया।
लगातार चार महीने तक चली प्रताड़ना के कारण कई जूनियर डॉक्टर शारीरिक और मानसिक रूप से बीमार हो गए। कुछ को उपचार के लिए अस्पताल के विभिन्न विभागों में भर्ती भी कराना पड़ा। मामले में कॉलेज प्रशासन की ओर से अधिकृत सहायक प्रोफेसर डॉ. अजय सेंटा ने यूजीसी और नेशनल मेडिकल कौंसिल की गाइडलाइन के अनुसार ट्रॉमा सेंटर के 7 रेजिडेंट डॉक्टरों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
नीलमबाग पुलिस स्टेशन के पीआइ डी.पी. उनडकट के अनुसार, जांच में जामनगर के ध्रोल निवासी डॉ. वीर उर्फ वीरेंद्रसिंह जाडेजा, राजस्थान के वैशालीनगर गणेशपुरा निवासी डॉ. जयंत देवानी, उत्तर प्रदेश के आगरा निवासी डॉ. प्रवीण वर्मा, भावनगर के कालियाबीड़ निवासी डॉ. धर्मेंद्र दयाल, भावनगर के घोघा निवासी डॉ. विशाल डाभी, भरूच निवासी डॉ. अमन वर्मा तथा डॉ. दिव्या मोदी के नाम सामने आए।
पुलिस के अनुसार जूनियर डॉक्टरों के साथ रैगिंग करने वाले मुख्य आरोपी वीर उर्फ वीरेंद्र जाडेजा और उसके साथ छह अन्य डॉक्टरों की भूमिका भी सामने आई। फिलहाल सभी आरोपी फरार हैं। पुलिस द्वारा नोटिस तामील कराने और गिरफ्तारी के लिए सातों निलंबित डॉक्टरों की तलाश की जा रही है। नीलमबाग पुलिस ने आरोपियों को पकड़ने के लिए दो अलग-अलग टीमों को तैनात किया है और तलाश जारी है।