Bilkis Bano gang rape case, All 11 life imprisonment convicts, released, remission policy
वर्ष 2002 में गुजरात में हुए गोधरा कांड के बाद बिल्किस बानो गैंगरेप मामले में उम्र कैद की सजा पाए सभी 11 दोषी सोमवार को गोधरा सब जले से रिहा हो गए।
गुजरात सरकार ने अपनी क्षमा नीति के तहत इनकी रिहाई की मंजूरी दी। मुंबई स्थित सीबीआई की विशेष अदालत ने जनवरी 2008 को गैंगरेप और बिल्किस बानो के परिवार के सात सदस्यों की हत्या के जुर्म में 11 लोगों को दोषी पाते हुए इन सभी दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। बाद में मुंबई हाई कोर्ट ने भी उनकी सजा बरकरार रखी थी। फिलहाल ये सभी दोषी गोधरा जेल में बंद थे. हालांकि, गुजरात सरकार की क्षमा नीति के तहत इन सभी दोषियों की रिहाई को मंजूरी दे दी गई। मंजूरी मिलने के बाद सभी 11 दोषी जेल से रिहा कर दिए गए।
इन दोषियों ने 15 साल से अधिक कैद की सजा काट ली, जिसके बाद उनमें से एक दोषी ने समय से पहले रिहाई के लिए उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। पंचमहाल जिले के कलक्टर सुजल मयात्रा ने बताया कि उच्चतम न्यायालय ने गुजरात सरकार से उसकी सजा पर क्षमा पर गौर करने का निर्देश दिया जिसके बाद सरकार ने एक समिति का गठन किया। मायत्रा ही समिति के प्रमुख थे.
मयात्रा ने कहा कि कुछ माह पहले गठित समिति ने सर्वसम्मति से मामले के सभी 11 दोषियों को क्षमा करने के पक्ष में निर्णय किया। इसके बाद राज्य सरकार को सिफारिश भेजी गई थी और फिर इन दोषियों की रिहाई के आदेश मिले।
परिवार के सात सदस्यों की भी हत्या
3 मार्च 2002 को गोधरा कांड के बाद हुए दंगों के दौरान दाहोद जिले के लीमखेड़ा तहसील के रणधिकपुर गांव में भीड़ ने बिल्किस बानो के परिवार पर हमला किया था बिल्किस उस समय पांच महीने की गर्भवती थी। उनके साथ सामूहिक बलात्कार किया गया और उनके परिवार के सात सदस्यों की हत्या कर दी गई। इस मामले के आरोपियों को 2004 में गिरफ्तार किया गया था।