
Ahmedabad. शहर में 18 वर्ष से कम उम्र के 30 गुमशुदा नाबालिग बच्चों की तलाश के लिए शहर पुलिस की ओर से चलाए जा रहे विशेष अभियान के बीच अहमदाबाद शहर क्राइम ब्रांच और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (एएचटीयू) को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। टीम ने मानव तस्करी और बाल श्रम के रैकेट का पर्दाफाश करते हुए अपहरण किए गए एक बालक सहित तीन बच्चों को सुरक्षित मुक्त कराया है। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
क्राइम ब्रांच के एसीपी भरत पटेल ने रविवार को संवाददाताओं को बताया कि 13 जुलाई 2022 को हेबतपुर से 14 वर्षीय दिलराज वणजारा का अपहरण हो गया था। इस संबंध में सोला पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। उसका तब से कोई पता नहीं चल पाया था। इस बीच क्राइम ब्रांच की टीम को पता चला कि इस बालक को अपहरण करने के बाद बेचा गया था। पंचमहाल जिले की गोधरा तहसील के नवा नदीसर गांव निवासी लेबर कॉन्ट्रैक्टर दिनेश ओड ने दिलराज का अपहरण कर उसे मात्र 10,000 रुपए में गोधरा तहसील के ही नवा नदीसर गांव निवासी भरत भरवाड़ को बेच दिया था। भरत भरवाड़ और उसका भाई रणछोड़भाई इस बालक से पशु चराने और घरेलू कामकाज की मजदूरी कराते थे। बच्चे ने दो बार भागने का प्रयास किया तो इन लोगों ने इसकी बुरी तरह से पिटाई की।
ऐसे में वह बीते चार साल से इनके पास ही था। इसके अलावा दो और बच्चे भी इन दोनों भरवाड़ बंधुओं के पास से मिले हैं। जिसमें से एक बच्चा पास के ही गांव का और एक अन्य बच्चा वडोदरा के छाणी का रहने वाला है। इन बच्चों को मुक्त कराने के बाद उनके परिजनों को सौंप दिया है। जांच में सामने आया कि आरोपी रणछोड़ के पास से मिले दो बच्चों के पिता को साल में महज 500 से 1000 मजदूरी के देता था और बच्चों से कड़ी मजदूरी करवाता था। इस मामले में क्राइम ब्रांच की टीम ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद इन्होंने और बच्चों का अपहरण किया है या नहीं उसकी पूछताछ की जा रही है।