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Gujarat: राज्य के हर जिले, 4 महानगरों में बनेगी ‘एंटी नारकोटिक्स विंग’

ड्रग्स के खिलाफ गुजरात सरकार का एक और अहम कदम, सिर्फ एनडीपीएस के केस पर ही करेगी काम, स्थानीय पुलिस पर भी रखेगी नजर, एएनडब्लू की जांच में लापरवाही मिलने पर पुलिसकर्मियों पर होगी सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई
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AI Photo

एआइ तस्वीर।

Ahmedabad. नशे के कारोबार के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर काम कर रही गुजरात सरकार ने ड्रग्स के दूषण को पूरी तरह खत्म करने के लिए एक और फैसला लिया है। इसके तहत अब प्रदेश के हर जिले और चार बड़े महानगरों में एक समर्पित 'एंटी नारकोटिक्स विंग' (एएनडब्ल्यू) का गठन किया जाएगा।

राज्य के पुलिस महानिदेशक ज्ञानेन्द्र सिंह मलिक ने इसको लेकर आदेश भी जारी कर दिया है। उन्होंने कहा कि अगले 7 दिनों के भीतर सभी जिलों और शहरों में यह यूनिट्स पूरी तरह से कार्यरत हो जाएंगी।

8 जवानों का विशेष दस्ता, नहीं सौंपा जाएगा कोई अन्य काम

राज्य स्तर पर कार्यरत एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनएटीएफ) की तर्ज पर अब जिला और कमिश्नरेट स्तर पर यह विंग काम करेगी। प्रत्येक यूनिट में एक पुलिस इंस्पेक्टर (पीआइ), एक पुलिस सब इंस्पेक्टर (पीएसआइ), 2 एएसआइ/हेड कांस्टेबल और 4 पुलिस कांस्टेबल समेत 8 कर्मचारियों का स्टाफ होगा। इस टीम को अलग से वाहन और ड्राइवर आवंटित किया जाएगा। इसे एनडीपीएस एक्ट के तहत वर्गीकृत मामलों में ही काम करना होगा। अन्य कोई शराब या जुए का केस इसे नहीं सौंपा जाएगा।

जिलों में एसपी, शहर में जेसीपी का सुपरिवजन

जिला स्तर पर यह यूनिट सीधे पुलिस अधीक्षक (एसपी) की निगरानी में काम करेगी। वहीं, अहमदाबाद शहर में 2, सूरत शहर में 2, वडोदरा शहर में एक और राजकोट शहर में एक यूनिट गठित की जाएगी। शहर में संयुक्त पुलिस आयुक्त (जेसीपी) या एडिशनल पुलिस कमिश्नर के सुपरविजन में यह यूनिट काम करेगी। एएनटीएफ द्वारा चिह्नित ड्रग पैडलरों और हॉटस्पॉट्स पर यह विंग लगातार नजर रखेगी। इसके अलावा, आदतन अपराधियों के खिलाफ पीआइटी-एनडीपीएस के तहत निरोधात्मक कार्रवाई के लिए सीआईडी क्राइम को प्रस्ताव भेजेगी।

लापरवाही मिली तो स्थानीय पुलिस पर भी गिरेगी गाज

विशिष्ट बात यह है कि एएनडब्ल्यू के गठन के बाद भी स्थानीय पुलिस थानों, क्राइम ब्रांच, एलसीबी को एनडीपीएस मामलों पर कार्रवाई जारी रखनी होगी। यदि विंग की जांच के दौरान स्थानीय पुलिस की निष्क्रियता या लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित पुलिसकर्मियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

5 साल में ड्रग्स नेटवर्क पर कार्रवाई, पांच हजार आरोपी पकड़े

गुजरात पुलिस ने बीते 5 वर्षों में नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) एक्ट के तहत 3,700 से अधिक अपराध दर्ज करते हुए, 5,346 आरोपियों कोपकड़ा है। 13,600 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य का 1.36 लाख किलोग्राम से अधिक ड्रग्स भी जब्त किया है।

गुजरात सरकार ने उठाए कई अनूठे कदम

गुजरात देश का पहला राज्य है, जिसने ड्रग नेटवर्क पकड़ने वाले पुलिसकर्मियों और मुखबिरों के लिए 'ड्रग रिवार्ड पॉलिसी' और जान जोखिम में डालने वाले जवानों के लिए 'आउट-ऑफ-टर्न प्रमोशन' नीति लागू की है। डार्क वेब, फाइनेंशियल ट्रेल और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन्स को ट्रैक करने के लिए देश में पहली बार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित एआइ आधारित ‘एनएआरआइटी’ सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है, ताकि अदालतों में सजा की दर बढ़ाई जा सके। साथ ही नशे की लत के शिकार युवाओं के प्रति संवेदनशीलता अपनाते हुए राज्यभर के व्यसनमुक्ति केंद्रों को आधुनिक बनाकर उचित काउंसलिंग व उपचार की व्यवस्था की जा रही है।